चंदौली में यूपीकार की कृषि परियोजना का हाई-लेवल निरीक्षण, 'IFS मॉडल' से 5 ब्लॉकों के किसानों की बढ़ेगी आमदनी
उत्तर प्रदेश कृषि अनुसंधान परिषद (यूपीकार) की टीम ने चंदौली के कई ब्लॉकों में चल रही कृषि परियोजनाओं का निरीक्षण किया। बीएचयू और कृषि विज्ञान केंद्र के इस साझा प्रयास से किसानों को आधुनिक तकनीकों और सोलर कोल्ड स्टोरेज जैसी बड़ी सौगातें मिल रही हैं।
यूपीकार टीम का हाई-लेवल निरीक्षण
बीएचयू और केवीके का साझा प्रयास
400 किसानों का हुआ बेसलाइन सर्वे
सोलर संचालित कोल्ड स्टोरेज का उद्घाटन
एकीकृत कृषि प्रणाली पर दिया जोर
उत्तर प्रदेश काउंसिल ऑफ एग्रीकल्चरल रिसर्च (यूपीकार) द्वारा वित्त पोषित एक विशेष परियोजना के तहत रविवार, 12 जुलाई 2026 को जनपद चंदौली में चल रही कृषि गतिविधियों का उच्च स्तरीय निरीक्षण किया गया। यह बड़ी परियोजना काशी हिन्दू विश्वविद्यालय (BHU) और कृषि विज्ञान केंद्र (KVK) चंदौली के संयुक्त तत्वावधान में चलाई जा रही है। इसका संचालन जिले के सकलडीहा, चहनिया, चकिया, नौगढ़ एवं शहाबगंज विकास खंडों में हो रहा है, जिसका मुख्य उद्देश्य एकीकृत कृषि प्रणाली (IFS मॉडल) के जरिए किसानों की आय में भारी बढ़ोतरी करना है।
400 किसानों का सर्वे और रोटावेटर की सौगात
इस महत्वाकांक्षी परियोजना के अंतर्गत अब तक लगभग 400 किसानों का बेसलाइन सर्वेक्षण कर उनकी मौजूदा खेती-बाड़ी की व्यवस्था का बारीकी से अध्ययन किया गया है। इसी अध्ययन के आधार पर हर क्षेत्र की जरूरत के मुताबिक एकीकृत कृषि प्रणाली मॉडल तैयार किए जा रहे हैं, ताकि किसानों की लागत कम हो और उन्हें अतिरिक्त कमाई के नए साधन मिल सकें। निरीक्षण की शुरुआत चकिया विकासखंड के फिरोजपुर गांव से हुई, जहां किसानों को आधुनिक तकनीकों की जानकारी दी गई और उन्हें उपयोग के लिए रोटावेटर भी उपलब्ध कराया गया।
वैज्ञानिकों की टीम ने ग्राउंड पर परखा मॉडल
इस उच्च स्तरीय निरीक्षण दल का नेतृत्व डॉ. आर. आर. सिंह ने किया। दल में यूपीकार के उप-महानिदेशक डॉ. राजर्षि गौर, डॉ. अभिजीत, पंतनगर विश्वविद्यालय से डॉ. एस. के. मौर्य, डॉ. एस. के. सिंह, डॉ. आशुतोष मिश्रा, केवीके चंदौली के अध्यक्ष डॉ. नरेंद्र रघुवंशी, तथा बीएचयू से डॉ. अखिलेश पाल, डॉ. प्रतीक सिनोधिया, डॉ. सर्वेश कुमार एवं अरविंद पटेल शामिल रहे। वैज्ञानिकों ने फिरोजपुर में बने मॉडल का जायजा लिया और डॉ. आशुतोष मिश्रा ने इस मॉडल में मछली पालन जोड़कर अतिरिक्त मुनाफा कमाने के वैज्ञानिक तरीके समझाए।
मसोई में 50 हेक्टेयर धान और चहनिया में कोल्ड स्टोरेज
चकिया के बाद वैज्ञानिकों की इस हाई-लेवल टीम ने शहाबगंज विकासखंड के मसोई गांव का रुख किया। यहाँ कृषि विज्ञान केंद्र से जुड़े किसानों द्वारा लगाए गए 50 हेक्टेयर डायरेक्ट सीडेड राइस (DSR) यानी सीधी बुवाई वाले धान की फसल का निरीक्षण और मूल्यांकन किया गया। इसके बाद चहनिया विकासखंड के केवीके उन्नत ग्राम कैथी में एक ऐतिहासिक शुरुआत हुई। यहाँ केवीके चंदौली के तकनीकी सहयोग से बने 'रघुवंशनाथम् कृषक उत्पादक संगठन' (FPO) को मजबूती देने के लिए परियोजना द्वारा लगाए गए सोलर पैनल संचालित कोल्ड स्टोरेज का भव्य उद्घाटन किया गया।
कम लागत में खेती को मुनाफे का सौदा बनाने पर बल
ग्राउंड जीरो पर निरीक्षण पूरा करने के बाद विशेषज्ञ वैज्ञानिकों ने सामूहिक रूप से कहा कि एकीकृत कृषि प्रणाली (IFS) किसानों की आमदनी बढ़ाने, खेती की लागत को घटाने और इसे लंबे समय तक टिकाऊ व फायदेमंद बनाने के लिए सबसे अचूक हथियार है। केवीके चंदौली के अध्यक्ष डॉ. नरेंद्र रघुवंशी ने जिले के किसानों को भरोसा दिया कि उन्हें सरकार की अन्य लाभकारी कृषि योजनाओं से भी सीधे जोड़ा जाएगा, जिससे चंदौली के प्रगतिशील किसानों की आर्थिक स्थिति में एक बड़ा और सकारात्मक बदलाव आ सके।