धानापुर में सेवा संकल्प अभियान के तहत ड्राइंग प्रतियोगिता, 68 परिषदीय स्कूलों के बच्चों ने दिखाया हुनर, 340 छात्र ब्लॉक स्तर के लिए चयनित

 

चंदौली के धानापुर ब्लॉक के 68 परिषदीय विद्यालयों में सेवा संकल्प अभियान के तहत ड्राइंग प्रतियोगिता हुई। 340 मेधावी छात्रों का चयन ब्लॉक स्तरीय स्पर्धा के लिए हुआ। बच्चों ने उत्साह के साथ अपनी कलात्मक प्रतिभा दिखाई।

 
 

 धानापुर के 68 परिषदीय स्कूलों में ड्राइंग प्रतियोगिता

 सेवा संकल्प अभियान के तहत हुआ आयोजन

340 छात्र ब्लॉक स्तर के लिए चयनित

खंड शिक्षा अधिकारी की देखरेख में कार्यक्रम

रचनात्मक सोच विकसित करना मुख्य उद्देश्य

जनपद चंदौली के विकासखंड धानापुर में सेवा संकल्प अभियान के तहत शुक्रवार को शिक्षा के क्षेत्र में एक अनोखी पहल देखने को मिली। ब्लॉक के 68 परिषदीय विद्यालयों में भव्य ड्राइंग प्रतियोगिता का सफल आयोजन किया गया।

इस प्रतियोगिता में छात्र-छात्राओं ने पूरे उत्साह और उमंग के साथ भाग लिया और अपनी कलात्मक प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया। स्कूलों में सुबह से ही बच्चों में गजब का उत्साह देखने को मिला।

रंगों और रेखाओं से सजी कल्पनाएं

प्रतियोगिता के दौरान नन्हे-मुन्ने बच्चों ने कैनवास पर रंगों और रेखाओं के माध्यम से अपनी सोच और रचनात्मकता को उकेरा। किसी ने बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ का संदेश दिया, तो किसी ने स्वच्छ भारत और पर्यावरण संरक्षण की तस्वीर बनाई।

प्राथमिक स्तर पर आयोजित इस चरण के बाद कुल 340 मेधावी प्रतिभागियों का चयन ब्लॉक (विकासखंड) स्तरीय प्रतियोगिता के लिए किया गया है। यानी प्रत्येक विद्यालय से 5-5 सर्वश्रेष्ठ बच्चों को अगले चरण के लिए चुना गया है।

खंड शिक्षा अधिकारी की देखरेख में आयोजन

खंड शिक्षा अधिकारी एवं शिक्षकों की देखरेख में आयोजित इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य बच्चों में रचनात्मक सोच, कलात्मक कौशल और सामाजिक चेतना का विकास करना है।

अधिकारियों का कहना है कि पढ़ाई के साथ-साथ इस तरह की सह-शैक्षणिक गतिविधियां बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए बहुत जरूरी हैं। ड्राइंग से बच्चों की सोचने और समझने की क्षमता बढ़ती है।

चयनित सभी 340 प्रतिभागी अब ब्लॉक स्तर पर आयोजित होने वाली अगली स्पर्धा में अपनी प्रतिभा का हुनर दिखाएंगे। ब्लॉक स्तर पर चयनित बच्चों को जिला स्तर पर मौका मिलेगा।

शिक्षकों और ग्रामीणों ने की सराहना

इस अवसर पर विद्यालय के शिक्षकों और स्थानीय ग्रामीणों ने बच्चों के इस कलात्मक प्रयास की भूरि-भूरि प्रशंसा की। ग्रामीणों ने कहा कि परिषदीय विद्यालयों में इस तरह के आयोजन से बच्चों में आत्मविश्वास बढ़ता है।

चयनित विद्यार्थियों को आगामी प्रतियोगिता के लिए शुभकामनाएं दी गईं। शिक्षकों ने कहा कि सेवा संकल्प अभियान के तहत इस तरह के कार्यक्रम लगातार जारी रहेंगे ताकि बच्चों की छिपी हुई प्रतिभा को सामने लाया जा सके।