धानापुर में मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत 47 जोड़ों की बजी शहनाई, मिला सरकारी उपहार

 

धानापुर विकास खंड परिसर में मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना का आयोजन हुआ। इसमें 47 जरूरतमंद जोड़ों का वैदिक रीति-रिवाज से विवाह कराया गया और उन्हें मैरिज सर्टिफिकेट व उपहार देकर सम्मानित किया गया।

 
 

धानापुर विकास खंड में सामूहिक विवाह

47 गरीब बेटियों का विवाह संपन्न

प्रत्येक शादी पर 64 हजार खर्च

21 हजार रुपये का उपहार वितरण

अतिथियों ने दिया नवदंपतियों को आशीर्वाद

चंदौली जिले के धानापुर विकास खंड परिसर में सोमवार को उत्तर प्रदेश सरकार की बहुचर्चित मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के अंतर्गत भव्य विवाह समारोह का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में क्षेत्र के गरीब और जरूरतमंद परिवारों की बेटियों का विवाह पूरे वैदिक रीति-रिवाज और मंत्रोच्चार के बीच संपन्न कराया गया। पूरे आयोजन के दौरान परिसर में उत्साह, खुशी और उल्लास का माहौल देखा गया।

51 में से 49 का हुआ था चयन, 47 जोड़ों ने फेरे लिए
समाज कल्याण विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, धानापुर ब्लॉक क्षेत्र से इस सामूहिक विवाह के लिए कुल 51 लाभार्थियों ने अपना पंजीकरण कराया था। कागजातों और पात्रता की जांच के बाद 49 जोड़ों का चयन विवाह के लिए किया गया। आयोजन के दिन कुल 47 जोड़ों का विवाह सफलतापूर्वक संपन्न कराया गया। वहीं, एक जोड़े ने फिलहाल विवाह करने से इनकार कर दिया और एक अन्य लाभार्थी जांच के दौरान अपात्र पाया गया, जिस कारण उनका विवाह नहीं कराया गया।

विधायक पत्नी किरण सिंह और ब्लॉक प्रमुख ने दिया आशीर्वाद
इस भव्य समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में सैयदराजा विधायक सुशील सिंह की पत्नी किरण सिंह उपस्थित रहीं। उनके साथ धानापुर ब्लॉक प्रमुख अजय सिंह, उनकी पत्नी मीरा सिंह तथा भारतीय जनता पार्टी के स्थानीय जनप्रतिनिधि व अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहे। सभी अतिथियों ने मंडप में जाकर नवविवाहित जोड़ों को आशीर्वाद दिया और उन्हें विवाह प्रमाण-पत्र प्रदान किए। अतिथियों ने सभी नए जोड़ों के सुखद और मंगलमय वैवाहिक जीवन की कामना की।

योजना के तहत मिलती है 64 हजार रुपये की कुल सहायता
समाज कल्याण विभाग के एसडीओ सौरभ सिंह ने योजना के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि इस योजना का मुख्य उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की बेटियों के विवाह में आर्थिक सहयोग प्रदान करना है। उन्होंने बताया कि लाभ पाने के लिए वधू की न्यूनतम आयु 18 वर्ष और वर की आयु 21 वर्ष होना अनिवार्य है। योजना के तहत प्रत्येक विवाह पर सरकार की ओर से कुल 64 हजार रुपये की सहायता दी जाती है। इसमें 21 हजार रुपये मूल्य का गृहस्थी का सामान नवदंपति को उपहारस्वरूप दिया जाता है, जबकि 15 हजार रुपये विवाह समारोह के आयोजन और खानपान की व्यवस्था पर खर्च किए जाते हैं।

गरीब परिवारों के लिए वरदान साबित हो रही योजना
कार्यक्रम के दौरान अपने संबोधन में ब्लॉक प्रमुख अजय सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना गरीब और जरूरतमंद परिवारों के लिए बेहद लाभकारी और मददगार साबित हो रही है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार समाज के कमजोर और वंचित वर्गों के उत्थान के लिए लगातार जनकल्याणकारी योजनाएं चला रही है, जिससे आम जनता को बड़ी राहत मिल रही है। कार्यक्रम के अंत में सभी नवदंपतियों को विदाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की गई।