चंदौली में खूनी हुई पतंगबाजी: मांझे की चपेट में आने से 11 वर्षीय बालक लथपथ, गले में लगाने पड़े गहरे टांके
चंदौली के धानापुर में प्रतिबंधित चाइनीज मांझे ने एक मासूम की जान जोखिम में डाल दी। साइकिल से बाजार जा रहे 11 वर्षीय विष्णु की गर्दन मांझे से बुरी तरह कट गई। मफलर होने के कारण एक बड़ा हादसा टल गया।
खड़ान मोड़ के पास हुआ हादसा
गर्दन में आए तीन गहरे टांके
मफलर ने बचाई मासूम की जिंदगी
परिजनों ने जताई सुरक्षा पर चिंता
प्रतिबंधित मांझे की बिक्री पर आक्रोश
चंदौली जनपद अंतर्गत धानापुर ब्लॉक क्षेत्र में प्रतिबंधित चाइनीज मांझे का जानलेवा आतंक रुकने का नाम नहीं ले रहा है। बुधवार शाम क्षेत्र के खड़ान मोड़ के पास एक मासूम बच्चा इस खूनी मांझे की चपेट में आ गया, जिससे उसकी गर्दन बुरी तरह कट गई। गनीमत रही कि ठंड के कारण बच्चे ने गले में मफलर लपेट रखा था, जिसने एक बड़ी अनहोनी को टाल दिया।
बाजार जाते समय हुआ हादसा
जानकारी के अनुसार, धानापुर निवासी मनोज रस्तोगी का 11 वर्षीय पुत्र विष्णु बुधवार शाम अपनी साइकिल से घर के पास के बाजार में कुछ जरूरी सामान लेने निकला था। अभी वह खड़ान मोड़ के पास पहुंचा ही था कि अचानक आसमान से लटकता हुआ एक चाइनीज मांझा उसकी गर्दन में आकर फंस गया। साइकिल की गति और मांझे की धार के कारण विष्णु का गला करीब 3 इंच तक कट गया और वह लहूलुहान होकर सड़क पर गिर पड़ा। मौके पर मौजूद ग्रामीणों ने तत्काल इसकी सूचना परिजनों को दी।
मफलर ने बचाई मासूम की जान
विष्णु के पिता मनोज रस्तोगी ने बताया कि हादसा बेहद खौफनाक था। उन्होंने कहा, "मेरे बेटे ने गले में मफलर बांध रखा था, जिसके कारण मांझे की धार सीधे नसों तक नहीं पहुंच पाई। अगर मफलर नहीं होता, तो आज कोई बड़ी अनहोनी हो सकती थी।" घटना के बाद बच्चे के कपड़े खून से सन गए थे। उसे तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने तत्काल उपचार शुरू किया।
डॉक्टरों ने लगाए टांके, स्थिति अब स्थिर
उपचार कर रहे डॉक्टरों के अनुसार, बच्चे की गर्दन पर लगभग एक इंच गहरा और तीन इंच लंबा घाव हो गया था। अत्यधिक रक्तस्राव को रोकने के लिए घाव पर तीन टांके लगाए गए हैं। प्राथमिक उपचार और टांके लगने के बाद अब विष्णु की हालत स्थिर बताई जा रही है और वह खतरे से बाहर है। हालांकि, इस घटना ने बच्चे और उसके परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है।
प्रशासन के खिलाफ ग्रामीणों का आक्रोश
इस दर्दनाक हादसे के बाद स्थानीय लोगों में जबरदस्त गुस्सा देखा जा रहा है। क्षेत्रवासियों का कहना है कि सरकार द्वारा प्रतिबंधित होने के बावजूद बाजारों में चोरी-छिपे चाइनीज मांझा बेचा जा रहा है। लोगों ने जिला प्रशासन और स्थानीय पुलिस से मांग की है कि ऐसे दुकानदारों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए जो चंद रुपयों के लालच में मासूमों की जिंदगी के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं।