एक किलोमीटर लंबा गंदा नाला बना आफत:  जलभराव से फैली दुर्गंध, ग्रामीणों ने दी आंदोलन की चेतावनी

 

चंदौली जिले के धानापुर ब्लाक के एवती गांव में एक किलोमीटर लंबा गंदा नाला जाम होने से हजारों एकड़ फसलें जलमग्न हो गई हैं। पानी की निकासी न होने से परेशान किसानों और ग्रामीणों ने सोमवार को विरोध-प्रदर्शन कर तुरंत सफाई की मांग की।

 
 

नाला जाम होने से डूबीं फसलें

धानापुर ब्लाक के एवती में किसानों का प्रदर्शन

एक किलोमीटर नाला पूरी तरह जाम

संक्रामक बीमारियों का बढ़ा खतरा

जल्द सफाई न होने पर आंदोलन की चेतावनी

चंदौली जिले के धानापुर विकासखंड अंतर्गत एवती गांव में किसानों पर बड़ा संकट आन पड़ा है। गांव के पास से गुजरने वाला गंदा नाला पूरी तरह जाम हो जाने के कारण क्षेत्र की हजारों एकड़ कृषि भूमि जलमग्न हो गई है। खेतों में कई-कई फीट पानी भर जाने से किसानों की मेहनत और फसलें बर्बाद हो रही हैं। जल निकासी की कोई व्यवस्था न होने से किसान बेबस नजर आ रहे हैं।

आसपास के कई गांवों का पानी भी रुका
समस्या केवल एवती गांव तक ही सीमित नहीं है। इस नाले के जाम होने से करजरा और रामरूपदासपुर सहित आसपास के कई अन्य गांवों के पानी की निकासी भी पूरी तरह से बंद हो गई है। इन गांवों का गंदा पानी बाहर नहीं निकल पा रहा है, जिससे दिन-प्रतिदिन ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं और चारों तरफ पानी ही पानी नजर आ रहा है।

एक किलोमीटर लंबा नाला बना आफत
ग्रामीणों ने बताया कि यह गंदा नाला लगभग एक किलोमीटर लंबा है, जो पूरी तरह से गंदगी और कचरे से पटा पड़ा है। यही नाला आगे जाकर अगहर बीर बहुरिया नदी में मिलता है। लेकिन नाला जाम होने की वजह से पानी नदी तक नहीं पहुंच पा रहा है। पानी रुक जाने से खेतों के साथ-साथ अब रिहाइशी यानी आबादी वाले इलाकों में भी गंदा पानी भरने लगा है।

बीमारियों का खतरा और भारी आर्थिक नुकसान
जगह-जगह पानी जमा होने की वजह से पूरे इलाके में भयंकर दुर्गंध फैल रही है। इसके कारण गांव में मच्छर पनप रहे हैं और संक्रामक बीमारियों के तेजी से फैलने का डर बना हुआ है। किसानों का कहना है कि खेतों में लगातार पानी भरा रहने से वे खेती का कोई काम नहीं कर पा रहे हैं। फसलें सड़ रही हैं, जिससे उन्हें भारी आर्थिक नुकसान झेलना पड़ रहा है।

सड़क पर उतरे ग्रामीण, किया जोरदार प्रदर्शन
लंबे समय से बनी इस गंभीर समस्या के समाधान की मांग को लेकर सोमवार को ग्रामीणों का धैर्य जवाब दे गया। आक्रोशित ग्रामीणों और किसानों ने एकजुट होकर सरकार और प्रशासन के खिलाफ विरोध-प्रदर्शन किया। इस प्रदर्शन में संतोष सिंह, ओमप्रकाश यादव, विशाल, बंगबहादुर मौर्य, विजय मौर्य, पप्पू मौर्य, जयप्रकाश सिंह, मनोहर राम, वीरेंद्र राम, मोहन सिंह, दीन सिंह, रविशंकर सिंह, पवन सिंह, पप्पू मौर्य और जयराम यादव समेत दर्जनों की संख्या में किसान मौजूद रहे।

प्रशासन को चेतावनी, जल्द शुरू हो सफाई
प्रदर्शन कर रहे किसानों ने स्थानीय प्रशासन से मांग की है कि इस एक किलोमीटर लंबे नाले की तुरंत पोकलैंड या जेसीबी मशीन से सफाई कराई जाए। जल निकासी की समुचित व्यवस्था होने से ही फसलों को बचाया जा सकता है। ग्रामीणों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि अगर प्रशासन ने जल्द ही इस समस्या का समाधान नहीं किया, तो वे चुप नहीं बैठेंगे और अपने इस आंदोलन को और उग्र करने के लिए मजबूर होंगे।