फर्जी ID बनाकर बेच डाली दूसरे की जमीन, 8.45 लाख रुपये हड़पने वाला शातिर ठग मनीष मिश्रा गिरफ्तार
चंदौली के धानापुर में फर्जी आईडी बनाकर दूसरे की जमीन बेचने वाले शातिर ठग मनीष मिश्रा को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी ने एक बेघर महिला से दो बिस्वा जमीन के नाम पर 8.45 लाख रुपये हड़प लिए थे।
फर्जी आईडी बनाकर जमीन की रजिस्ट्री
साढ़े आठ लाख की हुई ठगी
शातिर मनीष मिश्रा हुआ गिरफ्तार
सकलडीहा तहसील में हुआ था खेल
जमीन के असली मालिक को पता नहीं
चंदौली जिले के धानापुर थाना इलाके में जालसाजी और धोखाधड़ी का एक बेहद हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहाँ एक बेघर महिला को झांसा देकर दूसरे की जमीन का फर्जी बैनामा करा दिया गया और उससे लाखों रुपये ऐंठ लिए गए। इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए धानापुर पुलिस ने फर्जीवाड़ा करने वाले मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।
यह पूरी घटना धानापुर के पुरा चेता दूबे गांव की है। यहाँ की रहने वाली लक्ष्मीना देवी पत्नी मुकेश खरवार के पास अपना कोई मकान या जमीन नहीं थी। उन्हें रहने के लिए आवासीय भूमि की बहुत जरूरत थी। इसी का फायदा उठाते हुए पड़ोसी गांव पुरा सीता मिश्र के रहने वाले मनीष मिश्रा ने उन्हें अपने जाल में फंसा लिया। मनीष ने महिला को भरोसा दिलाया कि पास में ही दो बिस्वा जमीन बिकाऊ है और वह उसे दिलवा देगा।
नकद और गूगल पे से हड़पे 8.45 लाख रुपये
जमीन के सौदे के लिए मनीष मिश्रा ने लक्ष्मीना देवी से कुल 8 लाख 45 हजार रुपये में बात तय की। सीधे-साधे पीड़ित परिवार ने जमीन की चाहत में पैसे का इंतजाम किया। शातिर मनीष ने बड़ी चालाकी से 7 लाख 50 हजार रुपये चेक के बजाय नकद (कैश) ले लिए। इसके बाद बाकी बचे 95 हजार रुपये डिजिटल ट्रांसफर करवाए।
यह पैसे लक्ष्मीना देवी के देवर राहुल कुमार के खाते से गूगल पे के जरिए भेजे गए। जिसमें 5 मार्च 2026 को 50 हजार रुपये और अगले दिन 6 मार्च 2026 को 45 हजार रुपये मनीष मिश्रा के मोबाइल नंबर पर ट्रांसफर किए गए। पैसे मिलने के बाद तय तारीख पर मनीष ने लक्ष्मीना देवी और उनके देवर राहुल कुमार को सकलडीहा तहसील बुलाया और दोनों के नाम 1-1 बिस्वा जमीन की रजिस्ट्री करवा दी। इस दौरान महिला की तरफ से उनके बेटे शुभम और अरविंद यादव गवाह बने थे।
फर्जी पहचान पत्र बनाकर ऐसे खुला धोखाधड़ी का खेल
रजिस्ट्री होने के कुछ समय बाद जब पीड़ित परिवार को सच्चाई का पता चला, तो उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। दरअसल, जिस जमीन की रजिस्ट्री कराई गई थी, उसका असली मालिक अरशद पुत्र शम्सुद्दीन था, जो जन्म से ही कभी गांव नहीं आया था। मनीष मिश्रा ने इस बात का फायदा उठाया और अरशद के नाम पर फर्जी पहचान पत्र (फर्जी आधार कार्ड और पैन कार्ड) तैयार करवा लिए।
मनीष ने इन फर्जी कागजातों पर किसी दूसरे अज्ञात व्यक्ति की फोटो लगा दी और उसे असली मालिक अरशद बनाकर सकलडीहा तहसील में खड़ा कर दिया। इस तरह फर्जी मालिक के जरिए रजिस्ट्री कराकर मनीष ने पूरे 8.45 लाख रुपये खुद डकार लिए, जबकि असली जमीन मालिक अरशद को इस सौदे की कानों-कान खबर तक नहीं थी। धोखा होने का अहसास होने पर पीड़िता ने धानापुर थाने में तहरीर दी, जिसके बाद पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया।
नरौली मोड़ से धराया शातिर जालसाज मनीष
लक्ष्मीना देवी की शिकायत पर धानापुर पुलिस ने आरोपी मनीष मिश्रा के खिलाफ मु0अ0सं0 63/2026 के तहत बीएनएस (भारतीय न्याय संहिता) की विभिन्न गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर उसकी तलाश शुरू कर दी थी। 16 जून 2026 को धानापुर के प्रभारी निरीक्षक त्रिवेणी लाल सेन के नेतृत्व में पुलिस टीम को मुखबिर से सटीक सूचना मिली।
पुलिस टीम ने तुरंत ऐक्शन लेते हुए कस्बा धानापुर के नरौली मोड़ पर घेराबंदी की और वांछित अभियुक्त मनीष मिश्रा को दबोच लिया। इस कामयाबी को अंजाम देने वाली टीम में धानापुर के प्रभारी निरीक्षक त्रिवेणीलाल सेन के साथ सकलडीहा थाने के सब-इस्पेक्टर संजय ओझा, हेड कांस्टेबल राजेश यादव और कांस्टेबल सुमित सिंह शामिल रहे। पुलिस अब आरोपी के खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई पूरी कर उसे जेल भेजने की तैयारी कर रही है।