'डिजिटल अरेस्ट' के नाम पर ठगी से कैसे बचें? धानापुर पुलिस ने दिए सुरक्षा टिप्स

 

धानापुर पुलिस ने कस्बा स्थित रामलीला मैदान व भीड़-भाड़ वाले इलाकों में डिजिटल अरेस्ट और साइबर फ्रॉड के प्रति लोगों को जागरूक किया। हेड कांस्टेबल सूर्य प्रताप ने लोगों को ठगी से बचने और 1930 पर तुरंत शिकायत दर्ज कराने की सलाह दी।

 
 

धानापुर में डिजिटल अरेस्ट जागरूकता अभियान

साइबर ठगी से सतर्क रहने की अपील

फर्जी अधिकारियों के झांसे में न आएं

साइबर हेल्पलाइन 1930 पर करें तुरंत कॉल

चन्दौली पुलिस ने दिए सुरक्षा के टिप्स

 

चंदौली जिले के धानापुर थाने के हेड कांस्टेबल सूर्य प्रताप ने बुधवार को कस्बा स्थित रामलीला मैदान के समीप लोगों को डिजिटल अरेस्ट और साइबर ठगी के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि थोड़ी सी लापरवाही भी आपकी मेहनत की कमाई पर भारी पड़ सकती है। पुलिस टीम ने बस स्टैंड, थाना चौराहा, डाकखाना और हनुमान मंदिर सहित अन्य भीड़-भाड़ वाले स्थानों पर पहुंचकर आमजन को जागरूक किया। इस दौरान लोगों से अपील की गई कि वे अज्ञात नंबरों से आने वाली संदिग्ध कॉल से हमेशा सतर्क और सावधान रहें।

कैसे जाल में फंसाते हैं साइबर ठग?
हेड कांस्टेबल ने बताया कि फ्रॉड करने वाले अपराधी सबसे पहले फोन करके खुद को बड़ा अधिकारी बताते हैं। वे कभी सीबीआई (CBI), तो कभी पुलिस कप्तान या कमिश्नर बनकर बात करते हैं। इसके बाद लोगों को डरा-धमकाकर डिजिटल पेमेंट करने का दबाव बनाते हैं। ठग पहले कानून का डर दिखाते हैं और फिर पैसे के लेनदेन के बाद राहत देने या केस खत्म करने का झांसा देते हैं। वे लोगों से रकम ऐंठने के लिए नई-नई योजनाएं बनाते हैं। पुलिस ने स्पष्ट किया कि किसी भी परिस्थिति में ऐसे लोगों के झांसे में न आएं।

डरें नहीं, तुरंत लें कानूनी मदद
पुलिस अधिकारी ने लोगों को आश्वस्त किया कि किसी भी फर्जी अधिकारी के फोन से डरने की जरूरत नहीं है। यदि आपको किसी कॉल पर शक हो या कोई डिजिटल अरेस्ट का डर दिखाए, तो घबराने के बजाय समझदारी से काम लें और तुरंत इसकी सूचना दें। अगर कभी इस तरह की स्थिति पैदा हो या कोई रास्ता न सूझे, तो तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें। सही समय पर दी गई सूचना आपके पैसे को डूबने से बचा सकती है।

स्थानीय नागरिक रहे मौजूद
जागरूकता अभियान के दौरान पुलिस ने लोगों को सुरक्षा से जुड़े कई महत्वपूर्ण सुझाव दिए। इस मौके पर बबलू रस्तोगी, अजय सेठ, श्रवण, सालिक, सरवन, परशुराम सहित कई स्थानीय नागरिक मौजूद रहे और उन्होंने पुलिस की इस पहल की सराहना की।