DM साहब देख लीजिए..5 दिनों से अंधेरे में हैं 4 गांव, बिजली विभाग के खिलाफ आंदोलन की तैयारी

 

कमालपुर विद्युत उपकेंद्र के चार गांवों में पांच दिनों से बिजली गुल है। आंधी से टूटे खंभे और तार न जुड़ने से नाराज ग्रामीणों ने अब विभाग के खिलाफ आर-पार की जंग और धरना-प्रदर्शन का ऐलान कर दिया है।

 
 

पांचवें दिन भी चार गांव अंधेरे में

भीषण गर्मी के बीच गहराया पेयजल संकट

क्षतिग्रस्त पोल और तारों की मरम्मत ठप

ग्रामीणों ने दी पावर हाउस पर धरना-प्रदर्शन की चेतावनी

चंदौली जिले में बिजली विभाग की कार्यप्रणाली एक बार फिर सवालों के घेरे में है। कमालपुर विद्युत उपकेंद्र के रैथा फीडर से जुड़े चार गांवों—भरौझा, महदेवां, सितलपुरा और नैपुरा—में पिछले पांच दिनों से बिजली आपूर्ति पूरी तरह ठप है। भीषण गर्मी और उमस के बीच बिजली न होने से इन गांवों के हजारों ग्रामीणों का जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है।

आंधी ने मचाई थी तबाही, विभाग की सुस्ती बनी आफत
प्राप्त जानकारी के अनुसार, पांच दिन पहले आई तेज आंधी और पानी के कारण क्षेत्र में बिजली की लाइन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई थी। आंधी की वजह से कई स्थानों पर पोल टूट गए और तार जमीन पर आ गिरे। हैरानी की बात यह है कि इसी फीडर से जुड़े अन्य करीब 20 गांवों में विभाग ने तत्परता दिखाते हुए बिजली आपूर्ति बहाल कर दी है, लेकिन इन चार गांवों की लाइन को काटकर अधर में छोड़ दिया गया है।

पेयजल संकट और भीषण गर्मी से त्रस्त ग्रामीण
लगातार 120 घंटों से अधिक समय से बिजली गुल रहने के कारण गांवों में पेयजल का गंभीर संकट खड़ा हो गया है। बिजली न होने से नलकूप और घरों की मोटरें बंद पड़ी हैं। ग्रामीणों को मोबाइल चार्जिंग, पंखा और कूलर जैसी बुनियादी सुविधाओं के लिए भी तरसना पड़ रहा है। भीषण गर्मी में बुजुर्गों और बच्चों का हाल बेहाल है। ग्रामीण मनोज यादव, छोटू यादव, दुलारे, महेंद्र और अशोक ने बताया कि जूनियर इंजीनियर (जेई) द्वारा बार-बार आश्वासन दिया गया, लेकिन धरातल पर अब तक मरम्मत कार्य शुरू नहीं हो सका है।

पावर हाउस पर घेराव की दी चेतावनी
बिजली विभाग की इस उदासीनता के खिलाफ ग्रामीणों में भारी नाराजगी व्याप्त है। आक्रोशित लोगों का कहना है कि विभाग के कर्मचारी उनकी पीड़ा को अनसुना कर रहे हैं। ग्रामीणों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि अगले 24 घंटों के भीतर क्षतिग्रस्त पोल और तारों को ठीक कर आपूर्ति सुचारू नहीं की गई, तो वे कमालपुर पावर हाउस पर विशाल धरना-प्रदर्शन और घेराव करने को मजबूर होंगे।