खण्डवारी में पूर्व प्रधान भज्जू सिंह चौहान ने कराया डीहबाबा और शनिदेव मंदिर का सुंदरीकरण, निजी खर्च से शुरू कराया सफाई अभियान
चंदौली के खण्डवारी गांव में पूर्व प्रधान भज्जू सिंह चौहान ने अपनी जेब से अतिप्राचीन डीहबाबा स्थल और शनिदेव मंदिर के सुंदरीकरण का काम शुरू कराया है। इससे श्रद्धालुओं को अब पूजा-पाठ में बड़ी सहूलियत मिलेगी।
चहनिया ब्लॉक के खण्डवारी की घटना
अतिप्राचीन डीहबाबा स्थल का सुंदरीकरण
पूर्व प्रधान का सराहनीय निजी प्रयास
शनिदेव मंदिर की भी होगी सफाई
सभी मंदिरों को संवारने का संकल्प
चंदौली जिले के चहनिया ब्लॉक के अंतर्गत आने वाले खण्डवारी ग्राम सभा से एक बेहद सराहनीय खबर सामने आई है। यहाँ के अतिप्राचीन डीहबाबा स्थल और उसके पास ही स्थित शनिदेव मंदिर के सुंदरीकरण का काम बड़े स्तर पर शुरू हो गया है। सबसे खास बात यह है कि इस धार्मिक स्थल को संवारने का यह पूरा जिम्मा पूर्व प्रधान और समाजसेवी भज्जू सिंह चौहान ने अपने निजी खर्च पर उठाया है।
वर्षों से उपेक्षित था आस्था का यह बड़ा केंद्र
आपको बता दें कि धानापुर मुख्य मार्ग पर एक विशाल और पुराने पेड़ के नीचे स्थित डीहबाबा स्थल क्षेत्र के लोगों की आस्था का एक बड़ा केंद्र है। यहाँ हर रोज सुबह-शाम बड़ी संख्या में महिलाएं जल चढ़ाने और पूजा-अर्चना करने के लिए पहुंचती हैं। त्योहारों और विशेष अवसरों पर तो यहाँ श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ती है। इसके बावजूद लंबे समय से यह धार्मिक स्थल सरकारी उपेक्षा का शिकार था, जिससे श्रद्धालुओं को काफी दिक्कतें होती थीं।
मजदूरों के साथ पिछले तीन दिनों से चल रही सफाई
इस धार्मिक स्थल की बदहाली को देखते हुए पूर्व प्रधान भज्जू सिंह चौहान ने इसे अपने स्तर से सुंदर बनाने का फैसला किया। पिछले तीन दिनों से यहाँ कई मजदूरों की मदद से बड़े पैमाने पर साफ-सफाई का अभियान चलाया जा रहा है। इसके साथ ही पास में स्थित शनिदेव मंदिर की भी पूरी तरह सफाई कर उसे आकर्षक लुक देने की तैयारी की जा रही है। पूर्व प्रधान की इस अनूठी और नि:स्वार्थ पहल पर पूरे गांव के लोगों ने खुशी जताई है।
सनातन संस्कृति की सेवा में हमेशा रहूंगा आगे- भज्जू सिंह
इस धार्मिक और सामाजिक कार्य के बारे में बात करते हुए पूर्व प्रधान भज्जू सिंह चौहान ने कहा कि सनातन संस्कृति का असली आधार हमारी अटूट आस्था ही है। उन्होंने संकल्प लेते हुए कहा कि खण्डवारी ग्राम सभा के अंतर्गत आने वाले सभी मंदिरों का इसी तरह चरणबद्ध तरीके से सुंदरीकरण कराया जाएगा, ताकि आस्था और धर्म से जुड़े कार्यों में किसी को परेशानी न हो और वे हमेशा धार्मिक कार्यों में सबसे आगे खड़े रहेंगे।