सकलडीहा में रात के अंधेरे में खनन माफियाओं का खेल जारी; गड्ढे में पलटा ट्रैक्टर, मौत के मुंह से बच निकला चालक

 

चंदौली के सकलडीहा में अवैध खनन के दौरान एक ट्रैक्टर अनियंत्रित होकर गहरे गड्ढे में पलट गया। बाल-बाल बची चालक की जान ने प्रशासन की नींद उड़ा दी है। क्या अब रुकेगा माफियाओं का यह बेखौफ खेल? पढ़ें पूरी रिपोर्ट।

 
 

नारायणपुर गांव में पलटा अवैध खनन का ट्रैक्टर

हादसे में चालक की चमत्कारिक ढंग से बची जान

सकलडीहा क्षेत्र में माफियाओं के बुलंद हौसले

प्रशासन की निष्क्रियता पर ग्रामीणों का भारी आक्रोश

एसडीएम ने दिए दोषियों पर कड़ी कार्रवाई के निर्देश

चंदौली जिले में अवैध खनन का काला कारोबार थमने का नाम नहीं ले रहा है। ताजा घटना सकलडीहा थाना क्षेत्र के नई बाजार पुलिस चौकी अंतर्गत नारायणपुर गांव की है, जहाँ अवैध खनन में लगा एक ट्रैक्टर अनियंत्रित होकर गहरे गड्ढे में जा गिरा। ट्रैक्टर की स्थिति देखकर हर कोई दंग रह गया, हालांकि गनीमत यह रही कि चालक समय रहते कूद गया और उसकी जान बच गई।

रात के अंधेरे में माफियाओं का 'खूनी' खेल
स्थानीय सूत्रों के अनुसार, सकलडीहा क्षेत्र में खनन माफिया पूरी तरह बेखौफ हो चुके हैं। रात के सन्नाटे में मिट्टी और बालू का अवैध उठाव धड़ल्ले से जारी है। माफियाओं के वाहन तेज रफ्तार और असुरक्षित तरीके से सड़कों पर दौड़ते हैं, जिससे राहगीरों और खुद चालकों की जान पर खतरा बना रहता है। ग्रामीणों का आरोप है कि नारायणपुर की यह घटना महज एक चेतावनी है; यदि समय रहते इस पर लगाम नहीं लगाई गई, तो किसी दिन बड़ी जनहानि निश्चित है।

प्रशासन की चुप्पी पर उठे गंभीर सवाल
नारायणपुर के ग्रामीणों में इस घटना को लेकर गहरा आक्रोश है। लोगों का कहना है कि प्रशासन और पुलिस की नाक के नीचे यह अवैध कारोबार फल-फूल रहा है। बार-बार शिकायत के बावजूद जमीनी स्तर पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने से माफियाओं के हौसले सातवें आसमान पर हैं। अवैध खनन से न केवल पर्यावरण को नुकसान पहुँच रहा है, बल्कि सरकारी राजस्व को भी चूना लगाया जा रहा है।

एसडीएम ने दिया कार्रवाई का भरोसा
हादसे की सूचना के बाद प्रशासनिक महकमे में हलचल तेज हो गई है। मामले की गंभीरता को देखते हुए उप जिलाधिकारी (SDM) सकलडीहा, कुंदन राज कपूर ने कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि क्षेत्र में किसी भी कीमत पर अवैध खनन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। एसडीएम ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया है कि रात में गश्त बढ़ाई जाए और अवैध कार्यों में संलिप्त वाहनों को तत्काल सीज कर दोषियों पर मुकदमा दर्ज किया जाए।

अब देखना यह होगा कि प्रशासन की यह सख्ती केवल कागजों तक सीमित रहती है या धरातल पर भी खनन माफियाओं के खिलाफ कोई बड़ा एक्शन देखने को मिलता है।