आखिर कब पूरा होगा जल जीवन मिशन का ये प्रोजेक्ट, ओवरहेड टैंकों के अधूरे निर्माण से बारिश में दूषित पानी पीने को मजबूर हैं लोग
अधूरे ओवरहेड टैंकों ने बढ़ाई लोगों की परेशानी
गांवों में पाइपलाइन बिछाने के बाद सड़कों को छोड़ दिया गया खुदा
बारिश में दूषित हैंडपंप और कुएं से पीने को मजबूर ग्रामीण
गांवों में बढ़ता आक्रोश
चंदौली जिले के सकलडीहा में सरकार की बहुप्रचारित 'हर घर नल से जल' योजना धरातल पर पूरी तरह असफल साबित हो रही है। जल जीवन मिशन के अंतर्गत ग्रामीणों को शुद्ध पेयजल मुहैया कराने के उद्देश्य से शुरू की गई इस योजना का काम सकलडीहा तहसील के आधा दर्जन से अधिक गांवों में अधूरा पड़ा है। कहीं ओवरहेड टैंक का निर्माण वर्षों से अधर में लटका है, तो कहीं पाइपलाइन बिछाकर सड़कें खोद दी गईं और उसे वैसा ही छोड़ दिया गया, जिससे लोगों को दोहरी मुसीबत झेलनी पड़ रही है और न शुद्ध पानी मिल रहा, न सुगम रास्ता।
जानकारी के मुताबिक, ताजपुर, ईटवा, दुर्गापुर, गोहदा विशुनपुरा, नागेपुर, तेन्दुई और सकलडीहा जैसे कई गांवों में लगभग 50 हजार की आबादी आज भी शुद्ध पानी के लिए तरस रही है। सरकारी आंकड़ों में भले ही योजनाओं को प्रगति पर बताया जा रहा हो, लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि अधूरे निर्माण और विभागीय लापरवाही ने ग्रामीणों की उम्मीदों पर पानी फेर दिया है।
बारिश के मौसम में बढ़ा संकट
गांवों में लगे हैंडपंप और कुएं इन दिनों दूषित पानी उगल रहे हैं, जिससे संक्रामक बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। ग्रामीणों का कहना है कि पानी की समस्या से महिलाओं और बच्चों को सबसे ज्यादा परेशानी हो रही है। जल जीवन मिशन के कार्यदायी संस्थान की लापरवाही ने हालात को और भी बदतर बना दिया है।
स्थानीय लोगों की पीड़ा
गांव के निवासी अभय का कहना है कि जल जीवन मिशन के तहत बन रहा ओवरहेड टैंक लंबे समय से अधूरा पड़ा है, जिससे लोगों को शुद्ध जल के लिए मशक्कत करनी पड़ रही है।
श्याम बहादुर ने बताया कि गांव में ट्यूबवेल और टैंक का निर्माण शुरू हुआ तो लगा कि अब जल्द पानी मिलेगा, लेकिन अभी तक कनेक्शन के बावजूद पानी नहीं आया।
राजेश ने कहा कि बारिश में हैंडपंप भी दूषित पानी दे रहा है। कई लोग बीमार हो गए हैं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही।
संतोष ने आरोप लगाया कि कुछ गांवों में टंकी बनने के बाद भी पानी सप्लाई शुरू नहीं हुई। लाखों रुपये खर्च हो गए, लेकिन फायदा शून्य है।
पिंटू ने कहा कि गली-मुहल्लों में गड्ढे खोदकर पाइप बिछाया गया और उसे वैसा ही छोड़ दिया गया। न सड़क बची, न पानी मिला।
अवध नारायण ने निराशा जताई और बोले कि हर घर जल योजना अच्छी है, लेकिन यहां सिर्फ कोरमपूर्ति हो रही है।
ग्रामीणों ने कई बार तहसील दिवस और जनसुनवाई कार्यक्रमों में अपनी समस्याएं उठाईं, लेकिन कार्यदायी संस्थाएं और जिम्मेदार अधिकारी अब तक कोई ठोस पहल नहीं कर पाए। अब लोगों में आक्रोश है और उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि जल्द कार्य पूरा नहीं किया गया, तो सड़क पर उतरकर धरना-प्रदर्शन करेंगे।