चंदौली के खड़ान धाम में बिना दहेज संपन्न हुआ विवाह, जिला पंचायत सदस्य अंजनी सिंह ने किया गरीब बेटी का कन्यादान
सिद्धपीठ धाम खड़ान में दहेज रहित विवाह
जिला पंचायत सदस्य अंजनी सिंह का कन्यादान
परमहंस बाबा धाम की तपोभूमि पर आयोजन
वर्ष दो हजार सात से जारी परंपरा
गरीब और असहाय बेटियों की अनूठी मदद
चंदौली जिले के प्रसिद्ध सिद्धपीठ धाम खड़ान में श्री श्री 1008 परमहंस बाबा प्रसन्नदास जी महाराज के पावन तपोभूमि समाधि स्थल पर एक बार फिर मानवता और सामाजिक सरोकार की सुंदर तस्वीर देखने को मिली। यहाँ नेगुरा गाँव के निवासी श्यामबिहारी राम और माता मजीरा देवी की सुपुत्री खुशी का विवाह पूरे विधि-विधान के साथ संपन्न हुआ। खुशी का विवाह छित्तोपुर चंदौली के रहने वाले सूरज कुमार के साथ हुआ, जिनके माता स्वर्गीय मरछी देवी और पिता स्वर्गीय रामदुलारे राम हैं। इस आदर्श और दहेज रहित विवाह में क्षेत्र के तमाम गणमान्य लोगों ने हिस्सा लिया और वर-वधू को सुखद दांपत्य जीवन का आशीर्वाद दिया।
जिला पंचायत सदस्य ने निभाया कन्यादान का फर्ज
इस विवाह की सबसे बड़ी विशेषता यह रही कि यह पूरी तरह से दहेज रहित था। क्षेत्र के लोकप्रिय जिला पंचायत सदस्य अंजनी सिंह ने विवाह में मुख्य यजमान की भूमिका निभाते हुए बेटी खुशी का कन्यादान किया। आपको बता दें कि खड़ान बाबा के पावन धाम में हर साल गरीब और असहाय परिवारों की बेटियों के विवाह का भव्य आयोजन कराया जाता है। क्षेत्र के लोग अपनी स्वेच्छा और अगाध श्रद्धा के साथ अपने बच्चों के विवाह और मुंडन संस्कार के लिए इस पवित्र धाम पर पहुँचते हैं, जहाँ बिना किसी तड़क-भड़क के सादगी से आदर्श विवाह कराए जाते हैं।
साल 2007 से अनवरत चल रही है यह पुनीत परंपरा
इस अवसर पर जिला पंचायत सदस्य अंजनी सिंह ने पुरानी यादों और परंपरा को साझा करते हुए कहा कि वर्ष 2007 में उन्होंने बाबा के पवित्र धाम में हर साल पाँच गरीब कन्याओं का सामूहिक रूप से विवाह कराने की घोषणा की थी। तब से लेकर आज तक यह अनूठी परंपरा पूरी श्रद्धा के साथ अनवरत चल रही है। उन्होंने याद करते हुए बताया कि वर्ष 2009 और 2010 में स्थानीय विधायक सुशील सिंह जी ने इस परिसर में ऐतिहासिक रूप से 56 जोड़ों का भव्य सामूहिक विवाह संपन्न कराया था। इसके साथ ही, एमएलसी बृजेश सिंह जी ने भी कई वर्षों तक इस पुनीत शादी आयोजन में अपना पूर्ण और सक्रिय सहयोग दिया था। नेताओं और जनप्रतिनिधियों के सहयोग से यह सिलसिला आज भी लगातार जारी है।
बेटियों का कन्यादान ईश्वर की असीम कृपा
अंजनी सिंह ने भावुक होते हुए कहा कि समाज की बेटियों का कन्यादान करना संसार का सबसे बड़ा और पुनीत कार्य है। उन्होंने कहा, "मुझे हर वर्ष यहाँ की बेटियों का कन्यादान करने का जो परम सौभाग्य प्राप्त होता है, वह किसी वरदान से कम नहीं है। यह सब पूज्य बाबा प्रसन्नदास जी महाराज की मेरे ऊपर असीम और विशेष कृपा का ही परिणाम है।" इस मंगलमय अवसर पर राधे मौर्या, हरिचरण गोंड, सदनंद खरवार, बबलू राम, परदेशी, और शैलेन्द्र सिंह सहित सैकड़ों की संख्या में स्थानीय महिलाएँ और पुरुष मौजूद रहे, जिन्होंने नए जोड़े को सुखी जीवन का आशीष दिया।