कागजों पर विकास, जमीन पर सन्नाटा: खंडवारी में बजट पास होने के बाद भी अधूरा पड़ा आंगनबाड़ी भवन
चंदौली जिले के चहनियां ब्लॉक स्थित खंडवारी ग्राम सभा में आंगनबाड़ी भवन का निर्माण भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गया है। शासन से पर्याप्त बजट पास होने के बावजूद वर्षों से निर्माण कार्य अधूरा पड़ा है, जिससे छोटे बच्चे अन्य जगहों पर बैठने को मजबूर हैं।
चहनियां ब्लॉक के खंडवारी ग्राम सभा का मामला
शासन से पर्याप्त बजट पास होने के बावजूद निर्माण अधूरा
विभागीय उदासीनता, जमीनी विकास सिर्फ कागजों तक सीमित
आंगनबाड़ी भवन न होने से अन्य जगहों पर बैठने को मजबूर बच्चे
स्थानीय ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से की उच्च स्तरीय जांच की मांग
चंदौली जनपद के चहनियां ब्लॉक अंतर्गत आने वाली खंडवारी ग्राम सभा में विकास कार्यों की पोल खुलती नजर आ रही है। यहां नौनिहालों के लिए बनाया जा रहा आंगनबाड़ी भवन पूरी तरह से भ्रष्टाचार और विभागीय उदासीनता की भेंट चढ़ गया है। आलम यह है कि भवन का निर्माण कार्य वर्षों से आधा-अधूरा पड़ा है और अधर में लटका हुआ है। इस घोर लापरवाही के कारण क्षेत्र के छोटे बच्चों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
बजट पास, फिर भी निर्माण स्थल पर पसरा है सन्नाटा
स्थानीय ग्रामीणों ने संबंधित विभाग और ठेकेदारों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। ग्रामीणों का स्पष्ट कहना है कि इस आंगनबाड़ी भवन के निर्माण के लिए शासन स्तर से पर्याप्त बजट बहुत पहले ही पास किया जा चुका है। पैसे की कोई कमी न होने के बावजूद निर्माण स्थल पर आज भी सन्नाटा पसरा हुआ है। हैरानी की बात यह है कि जहां अब तक एक मजबूत और सुरक्षित भवन खड़ा हो जाना चाहिए था, वहां केवल एक अधूरा और जर्जर ढांचा विभागीय भ्रष्टाचार की कहानी बयां कर रहा है। जमीनी हकीकत यह है कि विकास कार्य सिर्फ कागजों तक ही सीमित रह गया है।
अन्य जगहों पर बैठने को मजबूर हैं छोटे बच्चे
भवन का निर्माण कार्य रुकने से सबसे अधिक नुकसान गांव के छोटे बच्चों को हो रहा है। अपना खुद का भवन न होने के कारण इन मासूम बच्चों को पढ़ने और बैठने के लिए अन्य जगहों पर दर-दर भटकने को मजबूर होना पड़ रहा है। खंडवारी निवासियों का सवाल है कि जब शासन से पैसा पास हो चुका है, तो फिर काम क्यों रोक दिया गया है? यह पूरी तरह से एक निष्पक्ष जांच का विषय है। ग्रामीणों का सीधा आरोप है कि निर्माण कार्य का इस तरह रुकना बड़े स्तर पर हुए भ्रष्टाचार की ओर इशारा कर रहा है।
ग्रामीणों ने उठाई जांच की मांग, प्रशासन के संज्ञान का इंतजार
इस लचर व्यवस्था और भ्रष्टाचार के खिलाफ गांव के लोगों में भारी आक्रोश है। अजय गुप्ता, राधा कृष्णन, मोहम्मद, राजकुमार बरनवाल, सोहन सिंह, राकेश गुप्ता और श्याम सुंदर अग्रवाल सहित कई अन्य प्रमुख ग्रामीणों ने इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच की पुरजोर मांग की है। अब देखना यह है कि चंदौली जिला प्रशासन इस खबर का संज्ञान लेकर कब तक जांच बैठाता है और खंडवारी के मासूम बच्चों को उनका अपना सुरक्षित आंगनबाड़ी भवन कब नसीब होता है।