धान की खेती से पहले अवही गांव में बड़ा कार्यक्रम, 110 किसानों को मिला मृदा परीक्षण और उन्नत नर्सरी का गुरुमंत्र
चन्दौली के धानापुर विकास खंड में कृषि विज्ञान केंद्र द्वारा "खेत बचाओ अभियान" के तहत कृषक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसमें वैज्ञानिकों ने 110 किसानों को मिट्टी की सेहत सुधारने और धान की उन्नत खेती की तकनीकें सिखाईं। पूरी खबर पढ़ें...
अवही गांव में कृषक जागरूकता कार्यक्रम
डॉ. नरेंद्र रघुवंशी ने की अध्यक्षता
उर्वरकों के संतुलित उपयोग पर जोर
वैज्ञानिकों ने सिखाई मृदा परीक्षण विधि
110 महिला-पुरुष किसान हुए शामिल
चन्दौली जिले में आचार्य नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, कुमारगंज (अयोध्या) द्वारा संचालित कृषि विज्ञान केंद्र, चन्दौली के तत्वावधान में एक महत्वपूर्ण पहल की गई है। जनपद के विकास खंड धानापुर के अंतर्गत आने वाले ग्राम अवही में "खेत बचाओ अभियान" के तहत एक विशेष कृषक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसका मुख्य उद्देश्य उर्वरकों के अंधाधुंध इस्तेमाल को रोककर उनके संतुलित उपयोग को बढ़ावा देना था।
मृदा स्वास्थ्य को बेहतर बनाए रखना बेहद जरूरी: डॉ. रघुवंशी
इस ज्ञानवर्धक कार्यक्रम की अध्यक्षता कृषि विज्ञान केंद्र, चन्दौली के सम्मानित अध्यक्ष डॉ. नरेंद्र सिंह रघुवंशी ने की। किसानों को संबोधित करते हुए डॉ. रघुवंशी ने मिट्टी के स्वास्थ्य के संरक्षण और संतुलित खाद प्रबंधन पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि अगर हमें लंबे समय तक अच्छी पैदावार लेनी है, तो खेतों की ग्रीष्मकालीन गहरी जुताई करना, फसल अवशेषों (पराली आदि) का सही प्रबंधन करना और जैविक खादों का अधिक से अधिक प्रयोग करना अनिवार्य है। इससे फसलों की गुणवत्ता और उत्पादन दोनों में भारी वृद्धि होती है।
वैज्ञानिक विधि से मृदा परीक्षण करने की सलाह
कार्यक्रम के दौरान मौजूद वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. चंदन सिंह ने किसानों को मिट्टी की जांच (मृदा परीक्षण) के महत्व से रूबरू कराया। उन्होंने खेत से मिट्टी का नमूना लेने की सही और वैज्ञानिक विधि का सजीव प्रदर्शन किया। डॉ. सिंह ने बताया कि यदि किसान मिट्टी की जांच रिपोर्ट के आधार पर खादों का इस्तेमाल करेंगे, तो उनकी खेती की लागत में कमी आएगी और भूमि की उपजाऊ शक्ति भी हमेशा बरकरार रहेगी।
धान की उन्नत नर्सरी और प्रमाणित बीजों का चयन
आगामी खरीफ सीजन को देखते हुए वैज्ञानिक डॉ. अभयदीप गौतम ने क्षेत्र की मुख्य फसल धान की खेती पर महत्वपूर्ण टिप्स साझा किए। उन्होंने किसानों को उन्नत नर्सरी प्रबंधन, क्षेत्र के अनुकूल प्रमाणित और टैगयुक्त गुणवत्ता वाले बीजों के चयन की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने सही समय पर नर्सरी तैयार करने और स्वस्थ पौधों के उत्पादन हेतु आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाने की सलाह दी।
110 किसानों ने उठाया सरकारी योजनाओं का लाभ
इस गोष्ठी के आखिरी सत्र में वैज्ञानिकों ने उपस्थित किसानों की खेती-किसानी से जुड़ी विभिन्न समस्याओं का ऑन-द-स्पॉट निवारण किया। साथ ही, उन्हें कृषि विभाग और कृषि विज्ञान केंद्र द्वारा चलाई जा रही कल्याणकारी योजनाओं की भी जानकारी दी गई। इस बेहद लाभकारी कार्यक्रम में ग्राम अवही और आसपास के क्षेत्रों से आए कुल 110 महिला एवं पुरुष कृषकों ने अपनी सक्रिय सहभागिता दर्ज कराई। अंत में संस्थान की ओर से सभी का धन्यवाद ज्ञापित कर टिकाऊ कृषि अपनाने का संकल्प दिलाया गया।