सकलडीहा तहसील में ऐसे होता है फर्जीवाड़ा: ऐसे फर्जी रिपोर्ट लगाते हैं लेखपाल, झूठे गवाह भी कर लेते हैं तैयार
चंदौली के टेकापुर गांव में रास्ते के विवाद की जांच में लेखपाल द्वारा फर्जीवाड़ा करने का मामला सामने आया है। कथित गवाहों ने खुद एसडीएम कार्यालय पहुंचकर खुलासा किया कि लेखपाल ने उनके फर्जी हस्ताक्षर कर शासन को गलत रिपोर्ट भेज दी है।
मुख्यमंत्री संदर्भ की जांच में फर्जीवाड़ा
गवाहों के फर्जी हस्ताक्षर का गंभीर आरोप
लेखपाल अमृता कुमारी की रिपोर्ट पर सवाल
सार्वजनिक रास्ते पर अतिक्रमण का मामला
SDM कुंदन राज कपूर ने दिए जांच के आदेश
उत्तर प्रदेश सरकार एक तरफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है, वहीं चंदौली जनपद के सकलडीहा तहसील में राजस्व विभाग के कर्मचारी शासन की आंखों में धूल झोंकने से बाज नहीं आ रहे हैं। तहसील के टेकापुर गांव में सार्वजनिक रास्ते पर अतिक्रमण की शिकायत की जांच के दौरान क्षेत्रीय लेखपाल पर फर्जी रिपोर्ट तैयार करने और गवाहों के फर्जी हस्ताक्षर करने का सनसनीखेज आरोप लगा है।
गवाहों ने खुद पहुंच कर दी गवाही, "साहब! हमने साइन नहीं किए"
इस फर्जीवाड़े का खुलासा तब हुआ जब रिपोर्ट में दर्ज कथित गवाह खुद सामने आ गए। गांव के ओमप्रकाश यादव सहित अन्य लोगों, जिनके नाम रिपोर्ट में गवाह के रूप में दर्ज थे, उन्होंने स्पष्ट किया कि उन्होंने न तो कोई बयान दिया और न ही किसी कागज पर हस्ताक्षर किए। मामले की गंभीरता को देखते हुए ये कथित गवाह खुद सकलडीहा तहसील पहुंचे और उप जिलाधिकारी (एसडीएम) के समक्ष लिखित प्रार्थना पत्र देकर अपनी बात रखी। उन्होंने मांग की है कि लेखपाल द्वारा तैयार की गई फर्जी रिपोर्ट की उच्च स्तरीय जांच हो।
दोषियों पर गिरेगी गाज: एसडीएम कुंदन राज कपूर
गवाहों के बयान और प्रार्थना पत्र ने राजस्व विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। मामले को संज्ञान में लेते हुए एसडीएम सकलडीहा कुंदन राज कपूर ने शिकायतकर्ताओं को आश्वस्त किया कि किसी भी स्तर पर भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराई जा रही है। यदि जांच में यह पाया गया कि लेखपाल ने पद का दुरुपयोग करते हुए फर्जी हस्ताक्षर किए हैं या गलत तथ्यों के आधार पर रिपोर्टिंग की है, तो संबंधित लेखपाल के खिलाफ विभागीय और दंडात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। अब देखना यह है कि प्रशासन इस मामले में दोषियों पर कितनी जल्दी कार्रवाई करता है।