अंतर-मंडलीय तबादले और पदोन्नति को लेकर भड़के लेखपाल, सरकार को दिया चरणबद्ध आंदोलन का अल्टीमेटम

 

सकलडीहा तहसील सभागार में उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ की मंडलीय बैठक आयोजित हुई। इसमें अंतर-मंडलीय स्थानांतरण और डीपीसी गठन जैसी लंबित मांगों पर निर्णय न होने पर लेखपालों ने प्रदेशव्यापी आंदोलन की चेतावनी दी है।

 
 

सकलडीहा तहसील सभागार में मंडलीय बैठक

लेखपाल संघ ने दिया आंदोलन का अल्टीमेटम

अंतर-मंडलीय स्थानांतरण और डीपीसी मुख्य मांगें

सरकारी योजनाओं की अंतिम कड़ी हैं लेखपाल

सरकार पर लगाया मांगों की उपेक्षा का आरोप

चंदौली जिले के सकलडीहा तहसील सभागार में रविवार को उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ की मंडलीय बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में बड़ी संख्या में लेखपालों ने हिस्सा लिया। बैठक के दौरान लंबे समय से लंबित मांगों, संगठन की भावी रणनीति और अपनी समस्याओं को सरकार के सामने प्रभावी तरीके से रखने पर विस्तार से चर्चा की गई। गहन मंथन के बाद सभी सदस्यों ने सर्वसम्मति से आंदोलन का रास्ता चुनने का निर्णय लिया।

'सरकार लगातार कर रही है मांगों की अनदेखी'
बैठक को संबोधित करते हुए प्रदेश महामंत्री राहुल पटेल ने कहा कि लेखपाल काफी समय से अपनी जायज मांगों को शासन-प्रशासन के सामने रख रहे हैं, लेकिन अभी तक उन पर कोई ठोस और सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि बार-बार आवाज उठाने के बावजूद सरकार लेखपालों के हितों और अधिकारों की लगातार अनदेखी कर रही है, जिससे कर्मचारियों में काफी निराशा और रोष व्याप्त है।

'जनता और शासन के बीच की अंतिम कड़ी हैं लेखपाल'
प्रदेश महामंत्री ने आगे कहा कि लेखपाल ही सरकारी योजनाओं को धरातल पर उतारकर अंतिम व्यक्ति और जरूरतमंदों तक पहुंचाने का काम करते हैं। राजस्व कार्यों से लेकर शासन की तमाम जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन तक लेखपाल पूरी निष्ठा और ईमानदारी से अपनी जिम्मेदारी संभालते हैं। इसके बावजूद उनके अधिकारों और सुविधाओं की उपेक्षा की जा रही है, जो बिल्कुल भी न्यायसंगत नहीं है।

तबादले और डीपीसी का गठन प्रमुख मांगें
संघ के पदाधिकारियों ने अपनी प्रमुख मांगों को रेखांकित करते हुए कहा कि अंतर-मंडलीय स्थानांतरण की पारदर्शी व्यवस्था लागू करना और विभागीय पदोन्नति समिति (डीपीसी) का त्वरित गठन करना उनकी सबसे मुख्य मांगें हैं। संघ का मानना है कि इन व्यवस्थाओं के लागू होने से लेखपालों को वर्षों से चली आ रही मानसिक और प्रशासनिक समस्याओं से बड़ी राहत मिलेगी।

मांगें न मानने पर होगा प्रदेशव्यापी चरणबद्ध आंदोलन
बैठक में संघ की ओर से स्पष्ट चेतावनी दी गई कि यदि सरकार ने जल्द ही उनकी मांगों पर सकारात्मक रुख नहीं अपनाया, तो उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ पूरे प्रदेश में चरणबद्ध आंदोलन शुरू करेगा। जल्द ही आंदोलन की विस्तृत रूपरेखा घोषित की जाएगी, जिसमें राज्य के सभी जिलों के लेखपाल हिस्सा लेंगे।

बड़ी संख्या में पहुंचे संघ के पदाधिकारी
सकलडीहा में आयोजित इस महत्वपूर्ण बैठक में खंड मंत्री सियाराम, जिलाध्यक्ष विनय कुमार सिंह, वीरेंद्र कौशल, राकेश सिंह, विजय यादव, आलोक पांडेय, अरुण अवस्थी, सुनील कुमार सिंह सहित भारी संख्या में लेखपाल उपस्थित रहे। सभी पदाधिकारियों और सदस्यों ने संगठन की मांगों के समर्थन में पूरी तरह एकजुट रहने और जरूरत पड़ने पर आंदोलन में बढ़-चढ़कर भाग लेने का संकल्प जताया।