स्वतंत्रता सेनानी स्व. लोकनाथ सिंह की 48वीं पुण्यतिथि पर उमड़ा जनसैलाब, सांसद ने दी श्रद्धांजलि
चहनियां के लोकनाथ स्नातकोत्तर महाविद्यालय में पूर्व विधायक व स्वतंत्रता सेनानी स्व. लोकनाथ सिंह की 48वीं पुण्यतिथि मनाई गई। सांसद वीरेंद्र सिंह सहित कई दिग्गजों ने उनके विचारों को राष्ट्र निर्माण के लिए अपरिहार्य बताया।
* स्व. लोकनाथ सिंह की 48वीं पुण्यतिथि
* सांसद वीरेंद्र सिंह रहे मुख्य अतिथि
* शिक्षा और राष्ट्र विकास पर जोर
* छात्राओं द्वारा मनमोहक सांस्कृतिक प्रस्तुतियां
* स्वतंत्रता सेनानी के पदचिह्नों पर चलने का आह्वान
चंदौली जिले के विकास खंड चहनियां स्थित लोकनाथ स्नातकोत्तर महाविद्यालय में रविवार, 11 जनवरी 2026 को सरस्वती के अमर साधक, प्रखर शिक्षाविद और भूतपूर्व स्वतंत्रता संग्राम सेनानी स्व. लोकनाथ सिंह की 48वीं पुण्यतिथि एवं कीर्ति दिवस समारोह अत्यंत श्रद्धा और गरिमा के साथ मनाया गया। इस अवसर पर महाविद्यालय परिसर में सुबह से ही उत्सव जैसा वातावरण रहा, जहां भारी संख्या में क्षेत्रीय नागरिकों और गणमान्य लोगों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।
सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से हुआ समारोह का आगाज
कार्यक्रम का औपचारिक शुभारंभ माँ शारदे के तैलचित्र और स्व. लोकनाथ सिंह जी के चित्र पर माल्यार्पण एवं फीता काटकर किया गया। महाविद्यालय की छात्राओं ने सरस्वती वंदना और स्वागत गीत के माध्यम से अतिथियों का अभिनंदन किया। इसके बाद आयोजित लोकगीत, संगीत और नाटक जैसी सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने उपस्थित जनसमूह का मन मोह लिया। कार्यक्रम की अध्यक्षता संत कुमार त्रिपाठी द्वारा की गई, जबकि अतिथियों का सम्मान प्रबंधक धनंजय सिंह और डॉ. हरिश्चंद्र सिंह सहित अन्य सदस्यों ने किया।
'आजादी के दीवाने विचारों के रूप में जीवित रहते हैं'
समारोह के मुख्य अतिथि चंदौली सांसद वीरेंद्र सिंह ने स्व. लोकनाथ सिंह के जीवन संघर्षों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि आजादी के दीवाने कभी मरते नहीं हैं, उनका शरीर भले नश्वर हो, लेकिन उनके विचार समाज को सदैव नई दिशा देते रहते हैं। उन्होंने वर्तमान शिक्षा व्यवस्था पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि शिक्षा समाज का दर्पण है और यदि यह नींव कमजोर होगी, तो राष्ट्र का विकास बाधित होना निश्चित है। उन्होंने उपस्थित युवाओं से स्व. लोकनाथ सिंह के पदचिह्नों पर चलने का आह्वान किया।
स्वतंत्रता संग्राम में अहम योगदान
वक्ताओं ने चर्चा के दौरान बताया कि स्व. लोकनाथ सिंह ने सदैव देशहित और साक्षरता को सर्वोच्च प्राथमिकता दी। स्वतंत्रता संग्राम के दौरान उन्होंने अंग्रेजों से डटकर मुकाबला किया और कई बार जेल भी गए, किंतु उनके संकल्प कभी कमजोर नहीं पड़े। उनका मानना था कि बिना शिक्षा के राष्ट्र का सर्वांगीण विकास संभव नहीं है।
प्रमुख हस्तियों की रही मौके पर उपस्थिति
इस कीर्ति दिवस समारोह में पूर्व सांसद रामकिशुन यादव, एसडीएम सकलडीहा कुंदन राज कपूर और विशिष्ट समाजसेवियों सहित बड़ी संख्या में गणमान्य लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम का सफल संचालन डॉ. विनय सिंह और अभय कुमार पीके ने किया। अंत में सभी उपस्थित लोगों ने लोकनाथ सिंह जी की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर उन्हें अपनी श्रद्धांजलि दी।