बंदरों के आतंक से परेशान हैं स्कूली बच्चे और दरोगा जी, कार्रवाई करने के बजाय सो रहा है वन विभाग
विद्यालय और थाना परिसर में बंदरों का आतंक जारी
छात्रों और पुलिसकर्मियों में बना हुआ है भय का माहौल
थाने में आने वाले आगंतुकों पर भी बंदर करते हैं हमला
चंदौली जिले के कमालपुर क्षेत्र स्थित बबुरा गांव में इन दिनों बंदरों का आतंक चरम पर है, जिससे स्थानीय जनता इंटर कॉलेज और धीना थाना परिसर दोनों जगह भय और अफरा-तफरी का माहौल बना हुआ है। बंदरों की बढ़ती संख्या ने छात्रों, शिक्षकों, कर्मचारियों और पुलिसकर्मियों की सुरक्षा के लिए बड़ी चुनौती खड़ी कर दी है।
छात्रों की सुरक्षा बनी चुनौती
जनता इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य अरविंद कुमार ने बताया कि बंदरों के कारण विद्यालय में भय का वातावरण है। बंदरों के हमलों में कई बच्चे घायल भी हो चुके हैं, जिसके कारण अभिभावकों में गहरी चिंता है। प्रधानाचार्य ने छात्रों की सुरक्षा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि इस स्थायी समाधान के लिए जल्द ही जिला प्रशासन और वन विभाग को पत्र भेजा जाएगा। यह समस्या अब शिक्षा के माहौल को भी प्रभावित कर रही है।
थाना परिसर में भी भारी नुकसान
कॉलेज के साथ ही धीना थानाध्यक्ष भूपेंद्र कुमार निषाद ने भी बंदरों के बढ़ते आतंक की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि थाना परिसर में भी बंदरों की संख्या अत्यधिक हो गई है। बंदर न केवल थाने में आने वाले आगंतुकों पर हमला कर रहे हैं, बल्कि मीटिंग के दौरान कागज़ फाड़ देते हैं और पुलिसकर्मियों की वर्दियों को भी नुकसान पहुंचा रहे हैं। इसके अलावा, बंदर इंटरनेट, बिजली के तारों और पानी की टंकी को भी लगातार नुकसान पहुँचा रहे हैं। थानाध्यक्ष ने कहा कि उन्होंने इस समस्या के समाधान के लिए वन विभाग से संपर्क किया है और शीघ्र कार्रवाई की उम्मीद है।
रेलवे स्टेशन पर भी यात्री परेशान
धीना रेलवे स्टेशन क्षेत्र के लोगों ने बताया कि स्टेशन पर आने-जाने वाले यात्रियों को भी बंदरों के हमले का सामना करना पड़ रहा है, जिससे यात्रियों में भी डर का माहौल बना रहता है।
स्थानीय निवासियों और दुकानदारों ने प्रशासन से अपील की है कि जनसुरक्षा को ध्यान में रखते हुए, बंदरों को सुरक्षित रूप से पकड़कर किसी अन्य क्षेत्र में स्थानांतरित किया जाए। उनका कहना है कि यदि समय रहते उचित कार्रवाई नहीं की गई तो विद्यालय, थाना और बाजार सभी क्षेत्रों में यह आतंक और बढ़ सकता है, जिससे जनसुरक्षा और शिक्षा दोनों के लिए बड़ी चुनौती खड़ी हो जाएगी।