"सिंदूर की मर्यादा के लिए भारत ने पाकिस्तान को सिखाया सबक", सकलडीहा पीजी कॉलेज में में बोले-कुलपति प्रो. आनंद त्यागी 

 

सकलडीहा पीजी कॉलेज में आयोजित राष्ट्रीय संगोष्ठी में वक्ताओं ने 'ऑपरेशन सिंदूर' को भारत की उत्कृष्ट सैन्य क्षमता और आतंकवाद के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति का सफल प्रतीक बताया, जिसने नागरिकों को नुकसान पहुँचाए बिना दुश्मनों को करारा जवाब दिया।

 
 

सिंदूर की पवित्रता और मर्यादा हेतु ऑपरेशन

आतंकवाद के विरुद्ध भारत का सफल सैन्य अभियान

सकलडीहा पीजी कॉलेज में दो दिवसीय संगोष्ठी

आम जनता को नुकसान पहुँचाए बिना कार्रवाई

युवा पीढ़ी को सैन्य गौरव गाथा बताना अनिवार्य

चंदौली जनपद स्थित सकलडीहा पीजी कॉलेज में 'ऑपरेशन सिंदूर' विषय पर दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का भव्य आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम महाविद्यालय के रक्षा एवं स्ट्रैटेजिक अध्ययन विभाग, आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ (IQAC) और भारतीय वैश्विक परिषद के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित हुआ। उद्घाटन सत्र की अध्यक्षता करते हुए महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के कुलपति प्रो. आनंद कुमार त्यागी ने भारत की सैन्य शक्ति और आतंकवाद के खिलाफ सरकार की दृढ़ इच्छाशक्ति की जमकर सराहना की।

सिंदूर की मर्यादा और सैन्य कौशल का संगम
संगोष्ठी को संबोधित करते हुए कुलपति प्रो. आनंद कुमार त्यागी ने कहा कि "ऑपरेशन सिंदूर" केवल एक सैन्य कार्रवाई नहीं थी, बल्कि यह सिंदूर की पवित्रता और मर्यादा को अक्षुण्ण रखने के लिए भारत द्वारा उठाया गया एक साहसिक कदम था। उन्होंने जोर देकर कहा कि इस ऑपरेशन की सबसे बड़ी खूबी यह थी कि इसमें किसी भी आम नागरिक (पब्लिक) का नुकसान नहीं हुआ। भारतीय सेना ने केवल उन तत्वों पर प्रहार किया जो दहशत फैलाने की कोशिश कर रहे थे। यह हमारी उत्कृष्ट सैन्य क्षमता और रणनीतिक कौशल का एक अनुपम उदाहरण है।

आतंकवाद पर प्रहार, युद्ध नहीं
कुलपति ने स्पष्ट किया कि ऑपरेशन सिंदूर पाकिस्तान के खिलाफ कोई पारंपरिक युद्ध नहीं था, बल्कि आतंकवाद के खिलाफ भारत सरकार का एक सुनियोजित और सफल अभियान था। उन्होंने शिक्षाविदों और छात्रों से आह्वान किया कि भारत की इस गौरवशाली शौर्य गाथा को नई पीढ़ी तक पहुँचाना अत्यंत आवश्यक है। राष्ट्र की सुरक्षा और अखंडता को मजबूत बनाए रखने में हमारी सुरक्षा एजेंसियों की भूमिका अतुलनीय है, जिसे जन-जन तक पहुँचाया जाना चाहिए।

शून्य सहनशीलता (Zero Tolerance) की नीति
विशिष्ट वक्ता और गोरखपुर विश्वविद्यालय के सम कुलपति प्रो. हरिशरन ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर ने भारत की रक्षा और विदेश नीति में एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। आज का भारत आतंकवाद के खिलाफ 'जीरो टॉलरेंस' की नीति पर चल रहा है। वहीं दिल्ली विश्वविद्यालय के प्रो. संजीव श्रीवास्तव ने कहा कि इस तरह के अभियानों ने देशवासियों के भीतर भावनात्मक एकता और राष्ट्रवाद की भावना को और अधिक सुदृढ़ किया है।

ग्रामीण क्षेत्र में बौद्धिक मंथन का केंद्र
महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. प्रदीप कुमार पाण्डेय ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि ग्रामीण परिवेश के कॉलेज में इतने गंभीर और राष्ट्रीय महत्व के विषय पर संगोष्ठी का होना गौरव की बात है। कार्यक्रम के संयोजक प्रो. विजेंद्र सिंह ने अतिथियों का स्वागत किया और डॉ. पवन कुमार ओझा ने कुशल संचालन किया। संगोष्ठी में देश के विभिन्न विश्वविद्यालयों से आए शोधार्थियों और शिक्षकों ने अपने शोध पत्रों का वाचन किया।

इस अवसर पर प्रो. दयानिधि सिंह यादव, प्रो. इंद्रदेव सिंह, प्रो. उदयशंकर झा, डॉ. राजेश यादव सहित भारी संख्या में शिक्षक, विद्वान और छात्र उपस्थित रहे। संगोष्ठी के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि भारत अपनी सीमाओं की रक्षा और नागरिकों के सम्मान के लिए किसी भी स्तर पर समझौता नहीं करेगा।