तीन गांवों को जोड़ने वाला जमुरखा मार्ग बदहाल, त्योहार पर श्रद्धालुओं को भारी दिक्कत

ग्रामीणों ने बताया कि लंबे समय से इस मार्ग की मरम्मत की मांग की जा रही थी। शिकायत के बाद सैयदराजा विधायक सुशील सिंह ने पहल की और शासन से सड़क निर्माण की स्वीकृति भी दिलाई।
 

गिट्टी से भरे रास्ते पर चलना हुआ मुश्किल

त्योहार पर श्रद्धालुओं को मंदिर पहुंचने में दिक्कत

कार्यदायी संस्था की सुस्त चाल से बढ़ी परेशानी

ग्रामीणों ने सड़क मरम्मत की उठाई मांग

चंदौली जिले के धानापुर विकास खंड के जनौली, बहेरी और जमुरखा गांवों को जोड़ने वाला मुख्य मार्ग इन दिनों बदहाल हालत में है। सड़क पर डाली गई गिट्टियां बिखरकर रास्ते में ही फैल गई हैं, जिससे वाहन तो दूर, पैदल चलना भी मुश्किल हो गया है। यह समस्या तब और गंभीर हो जाती है जब ग्रामीणों को पूजा-अर्चना के लिए हनुमान और शिव मंदिर तक पहुंचना पड़ता है।

ग्रामीणों का कहना है कि जमुरखा गांव की सरहद पर स्थित हनुमान जी और शिव मंदिर में रोजाना बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए जाते हैं। इस समय नवरात्र और दशहरा का पर्व चल रहा है, जिससे मंदिरों पर भीड़ बढ़ गई है। लेकिन खराब मार्ग के कारण श्रद्धालुओं, महिलाओं और बच्चों को असुविधा हो रही है।

ग्रामीणों ने बताया कि लंबे समय से इस मार्ग की मरम्मत की मांग की जा रही थी। शिकायत के बाद सैयदराजा विधायक सुशील सिंह ने पहल की और शासन से सड़क निर्माण की स्वीकृति भी दिलाई। इसके बाद लोक निर्माण विभाग को धन अवमुक्त किया गया और कार्यदायी संस्था ने काम शुरू भी किया, लेकिन केवल गिट्टी डालकर काम अधूरा छोड़ दिया। सड़क पर रोड रोलर न चलवाने के कारण गिट्टी ज्यों-की-त्यों पड़ी रह गई है और रास्ता चलने योग्य नहीं बन पाया है।

इस लापरवाही का खामियाजा अब ग्रामीणों को भुगतना पड़ रहा है। एक किलोमीटर की दूरी तय करने के लिए उन्हें चार किलोमीटर का चक्कर लगाना पड़ रहा है। कई ग्रामीण मजबूरी में गिट्टी से भरे रास्ते से ही गुजरते हैं, जिससे अक्सर साइकिल और बाइक सवार फिसलकर गिर जाते हैं और चोटिल हो जाते हैं।

बदहाल मार्ग से स्कूली बच्चों, नौकरीपेशा लोगों, किसानों और दुकानदारों को भी आवागमन में भारी परेशानी हो रही है। ग्रामीणों का कहना है कि त्योहारों के समय यह समस्या और बढ़ गई है। मंदिर जाने के लिए प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोग निकलते हैं, लेकिन गिट्टी और खराब सड़क उन्हें रोकती है।

ग्रामीणों ने नाराजगी जताते हुए कहा कि अगर कार्यदायी संस्था ने समय पर सड़क को दुरुस्त कर दिया होता तो इस स्थिति का सामना नहीं करना पड़ता। उनका कहना है कि शासन से धन स्वीकृत होने के बाद भी कार्य अधूरा छोड़ना लोगों के साथ अन्याय है।

ग्रामीणों ने विधायक सुशील सिंह से पुनः मांग की है कि वे तत्काल हस्तक्षेप करें और सड़क निर्माण कार्य को शीघ्र पूरा कराएं, ताकि क्षेत्रवासियों को राहत मिल सके और श्रद्धालु आसानी से मंदिर तक पहुंच सकें।