रहपुरी गांव कीचड़ भरी सड़क से बेहाल, बच्चों की पढ़ाई और ग्रामीणों की जिंदगी पर संकट
बरसात में दलदल बनी सड़क
टूटा गांव का मुख्य मार्ग से संपर्क
स्कूल जाने वाले बच्चों को रोज उठानी पड़ रही है मुश्किलें
वैकल्पिक सड़क वर्षों से क्षतिग्रस्त, ग्रामीण हुए परेशान
चंदौली जिले के बरहनी विकास खण्ड के सबल जलालपुर ग्राम पंचायत के रहपुरी गांव के लोगों को आज भी कीचड़ भरी कच्ची सड़क से होकर गुजरना पड़ता है। बरसात के मौसम में यह सड़क दलदल में तब्दील हो जाती है। जिससे गांव का मुख्य मार्ग से संपर्क टूट सा जाता है। इससे ग्रामीणों का आवागमन बेहद कठिन हो गया है।
बच्चों की पढ़ाई पर पड़ा असर
गांव के बच्चों को प्रतिदिन इसी कीचड़ भरी सड़क से होकर सबल जलालपुर प्राथमिक स्कूल जाना पड़ता है। बारिश के दिनों में यह रास्ता इतना फिसलन भरा हो जाता है कि कई बार बच्चे गिरकर चोटिल भी हो जाते हैं। अभिभावकों को बच्चों की सुरक्षा को लेकर हमेशा चिंता बनी रहती है।
बाजार और रेलवे स्टेशन तक पहुंचना मुश्किल
ग्रामीणों ने बताया कि उन्हें दिन बाजार, बस स्टेशन और रेलवे स्टेशन तक जाने के लिए इसी सड़क का उपयोग करना पड़ता है। लेकिन सड़क की जर्जर स्थिति के कारण लोग वैकल्पिक कच्चे रास्तों से होकर लंबी दूरी तय करने को मजबूर हैं। रहपुरी गांव को कमालपुर-धीना मार्ग के खझरा गांव के पास जोड़ने वाली एक वैकल्पिक पक्की सड़क वर्षों से क्षतिग्रस्त है। जिससे कच्ची सड़क बन जाए तो केवल 2 किलोमीटर की दूरी तय कर बाजार तक पहुंचा जा सकता है।
ग्राम प्रधान और प्रशासन की भूमिका पर सवाल
ग्राम प्रधान का कहना है कि यह एक लंबा और महंगा प्रोजेक्ट है, जिसे जिला पंचायत या विधायक निधि के माध्यम से ही पूरा किया जा सकता है। ग्राम पंचायत के पास इतनी निधि नहीं है कि इस सड़क की मरम्मत कराई जा सके।
विकास खंड अधिकारी बरहनी रत्नेश कुमार सिंह ने कहा ग्राम पंचायत का कार्यकाल 5 वर्षों का होता है। यदि ग्राम प्रधान चाहते तो इस काम को चरणबद्ध रूप से शुरू कर सकते थे। लेकिन उन्होंने अपनी जिम्मेदारियों से बचने का प्रयास किया है।
ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और प्रतिनिधियों से अपील की है कि जल्द से जल्द सड़क का निर्माण कराया जाए यह केवल आवागमन की समस्या नहीं है बल्कि बच्चों के शिक्षा ग्रामीण की दैनिक जिंदगी से जुड़ा हुआ है।