रामावती एकेडमी में धूमधाम से मनाया गया वार्षिकोत्सव,  एमएलसी आशुतोष सिन्हा ने बढ़ाया हौसला
 

पर्यावरण पेड़ की अंधाधुंध कटाई से हानि, हिंदू मुस्लिम एकता, देशभक्तों की वीरता, बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ जैसे संदेश संगीत और नाटक के माध्यम से लोगों को जागरूक किया।
 

धानापुर  के पगही ग्राम में है रमावती एकेडमी

स्कूल के पांच वर्ष पूरे होने पर वार्षिकोत्सव

एमएलसी आशुतोष सिन्हा ने की बच्चों की तारीफ

चंदौली जिले के धानापुर  के पगही ग्राम में स्थित रमावती एकेडमी के पांच वर्ष पूरे होने पर विद्यालय का वार्षिकोत्सव धूमधाम से मनाया गया। जहां मुख्य अतिथि के रूप में स्नातक एमएलसी आशुतोष सिन्हा मौजूद रहे।

 बताते चलें कि मुख्य अतिथि स्नातक एमएलसी आशुतोष सिन्हा ने माँ सरस्वती के चित्र पर दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारम्भ किया। इसके बाद रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने एक से बढ़कर एक आकर्षक प्रस्तुतियां देकर कार्यक्रम को बहुत ही शानदार बना दिया। छात्र-छात्रा ने एकल नृत्य और सामूहिक नृत्य करके दर्शकों का मन मोह लिया।

कई छात्र - छात्राओं ने ड्रामा, नाटक प्रस्तुत करके समाज के लोगों को जागरूक किया। पर्यावरण पेड़ की अंधाधुंध कटाई से हानि, हिंदू मुस्लिम एकता, देशभक्तों की वीरता, बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ जैसे संदेश संगीत और नाटक के माध्यम से लोगों को जागरूक किया।

इस कार्यक्रम के दौरान मुख्य अतिथि ने प्रतिभावान बच्चों को पुरस्कृत भी किया। इस कार्यक्रम में छात्रों के अभिभावक और क्षेत्र के कई गणमान्य व्यक्ति कार्यक्रम को देखने के लिए समारोह स्थल पर  मौजूद रहे।

रामावती एकेडमी के प्रबंधक रामआश्रय यादव ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्र के बच्चे अपने प्रतिभाओं का प्रदर्शन कर रहे हैं। विद्यालय में भव्य तरीके से वार्षिकोत्सव मनाया जा रहा है, जिससे बच्चों की प्रतिभा निखरती है।

मुख्य अतिथि स्नातक एमएलसी आशुतोष सिन्हा ने कहा कि बच्चों को अच्छा नागरिक बनाने में माता-पिता के बाद शिक्षण संस्थानों का अहम योगदान होता है। शिक्षकों को बच्चों को संस्कारवान बनाने के लिए गुणवत्ता पूर्वक शिक्षा देनी चाहिए। मुझको लगता है कि इन सब गुणों में यही स्कूल सबसे अव्वल दर्जे का है। जिस तरह स्कूल के छात्रों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। ऐसे में लगता है कि शिक्षक और छात्र काफी मेहनत करते हैं और उन्होंने सभी का उत्साहवर्धन भी किया। शिक्षा के साथ-साथ छात्रों के कौशल विकास के लिए इस तरह की सांस्कृतिक कार्यक्रम समय-समय पर होते रहना चाहिए।छात्रों को अपने जीवन में उच्च लक्ष्य निर्धारित जरूर करना चाहिए और उस लक्ष्य की प्राप्ति के लिए मेहनत जरूरी है ।

इस मौके पर मृत्युंजय यादव, राजेश यादव, लालमनी पाल, रामजन्म यादव, संतोष मौर्य, मोहन मौर्य, मोती प्रजापति, मुकेश दुबे, मंगल कवि, सहित सैकड़ों लोग उपस्थित रहे।