चंदौली में 10 साल बाद फिर हुई ऐतिहासिक मंदिर में 400 साल पुरानी राधा-कृष्ण की मूर्तियां चोरी, ग्रामीणों ने सड़क जाम कर दी चेतावनी
चंदौली के बलुआ थाना क्षेत्र स्थित रामौली गांव के प्राचीन मंदिर से चोरों ने 400 साल पुरानी ऐतिहासिक राधा-कृष्ण की मूर्तियां चुरा लीं। 10 साल पहले भी यहाँ चोरी हुई थी, जिससे गुस्साए ग्रामीणों ने अब पुलिस प्रशासन के खिलाफ उग्र आंदोलन की चेतावनी दी है।
रामौली मंदिर से राधा-कृष्ण की मूर्ति चोरी
400 वर्ष पुरानी ऐतिहासिक मूर्तियों पर हाथ साफ
10 साल पहले भी हुई थी मंदिर में चोरी
आक्रोशित ग्रामीणों का पुलिस के खिलाफ प्रदर्शन
मूर्तियां बरामद न होने पर चक्का जाम की चेतावनी
चंदौली जिले से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहाँ बलुआ थाना क्षेत्र के मोहरगंज पुलिस चौकी अंतर्गत रमौली गांव में चोरों ने आस्था पर बड़ा प्रहार किया है। बीती रात अज्ञात चोरों ने गांव के अति प्राचीन राधा-कृष्ण मंदिर का ताला तोड़कर लगभग 400 वर्ष पुरानी ऐतिहासिक मूर्तियों को पार कर दिया। घटना की जानकारी सुबह तब हुई जब ग्रामीण पूजा-अर्चना के लिए मंदिर पहुंचे और वहां मूर्तियों को गायब पाया।
10 साल बाद फिर दोहराई गई वारदात
ग्रामीणों में इस घटना को लेकर गहरा आक्रोश व्याप्त है क्योंकि यह पहली बार नहीं है जब इस मंदिर को निशाना बनाया गया हो। ग्रामीणों के अनुसार, लगभग 10 वर्ष पूर्व भी इसी मंदिर से भगवान कृष्ण की मूर्ति चोरी हो गई थी, जिसके बाद नई मूर्ति स्थापित की गई थी। इस बार चोरों ने न केवल 400 साल पुरानी राधा जी की पत्थर व अष्टधातु की मूर्ति चुराई, बल्कि बाद में स्थापित की गई कृष्ण की मूर्ति को भी उठा ले गए।
पुलिस प्रशासन को चेतावनी और आंदोलन
घटना से नाराज ग्रामीणों ने मुख्य मार्ग जाम कर पुलिस प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। स्थानीय लोगों का आरोप है कि पिछली बार हुई चोरी की घटना में भी पुलिस ने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की थी, जिससे अपराधियों के हौसले बुलंद हैं। मौके पर पहुंची बलुआ थाना पुलिस और चौकी पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। ग्रामीणों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही मूर्तियों की बरामदगी और चोरों की गिरफ्तारी नहीं हुई, तो वे बड़े पैमाने पर धरना-प्रदर्शन और चक्का जाम करने को मजबूर होंगे। इस घटना ने एक बार फिर जिले के प्राचीन मंदिरों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।