एक करोड़ खर्च के दावों करने वाले प्रधानजी नहीं बनवा पा रहे हैं गांव का रास्ता, 20 साल पुराना रास्ता बदहाल
चंदौली के सबल जलालपुर में एक करोड़ रुपये के विकास कार्यों के दावों के बीच 20 साल पुराना संपर्क मार्ग बदहाली झेल रहा है। खड़ंजे के टूटने और कीचड़ जमने से स्कूली बच्चों और ग्रामीणों को भारी फजीहत का सामना करना पड़ रहा है।
गांव में एक करोड़ विकास का दावा
20 साल पुराना खड़ंजा मार्ग बदहाल
स्कूल और आंगनबाड़ी जाने में भारी दिक्कत
ट्रैक्टर चलने से सड़क में बने गड्ढे
ग्रामीणों ने की जल्द मरम्मत की मांग
चंदौली जिले के बरहनी विकासखंड अंतर्गत सबल जलालपुर ग्राम पंचायत के रहपूरी कम्हारी गांव से विकास की दावों की पोल खोलती तस्वीर सामने आई है। ग्राम प्रधान दिनेश यादव के मुताबिक, विधायक निधि, जिला पंचायत और ग्राम निधि से गांव में करीब एक करोड़ रुपये की लागत से विकास कार्य कराए गए हैं।
हालांकि, कागजों और दावों में करोड़ों रुपये खर्च होने के बाद भी गांव की मुख्य सड़क आज तक अपनी बदहाली पर आंसू बहा रही है। यह खस्ताहाल रास्ता गांव में हुए तमाम विकास के दावों को सीधे तौर पर आइना दिखा रहा है।
20 साल पुराने खड़ंजा मार्ग का सालों से नहीं हुआ मरम्मत
सबल जलालपुर से कम्हारी होते हुए रहपूरी गांव को जोड़ने वाला यह खड़ंजा मार्ग करीब 20 साल पुराना है। इतने लंबे समय से मरम्मत का काम न होने की वजह से पूरी सड़क जगह-जगह से उखड़ और टूट चुकी है। सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि इसी जर्जर रास्ते से होकर छोटे-छोटे बच्चों को आंगनबाड़ी केंद्र और प्राथमिक विद्यालय तक जाना पड़ता है। इस वजह से रोज स्कूल आने-जाने वाले मासूम बच्चों को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।
ट्रैक्टरों के आवागमन से बने गड्ढे, बरसात में भरा कीचड़
स्थानीय निवासियों का कहना है कि खेतों में ट्रैक्टरों की लगातार आवाजाही के कारण खड़ंजे वाली सड़क पर बड़े-बड़े गड्ढे बन गए हैं। बारिश के मौसम में इन गड्ढों में पानी भर जाता है, जिससे पूरी सड़क पर गहरा कीचड़ फैल जाता है। इस रास्ते से गुजरते वक्त दोपहिया वाहन चालकों के फिसलने और पैदल चलने वालों के गिरने का डर हमेशा बना रहता है। कीचड़ और पानी के बीच से होकर गुजरना पूरे गांव के लिए एक बड़ी आफत बन गया है।
ग्रामीणों ने उठाई सड़क की मरम्मत कराने की मांग
गांव के निवासी दुर्गेश सिंह, धनंजय सिंह, काशी यादव और मोनू सिंह ने बताया कि गांव में विकास के नाम पर बड़ी धनराशि खर्च करने की बातें तो की जा रही हैं, लेकिन मुख्य रास्ते की हालत 20 सालों से जस की तस बनी हुई है। ग्रामीणों ने सवाल उठाया कि जब मुख्य रास्ता ही सही नहीं है तो फिर कैसा विकास? परेशान गांव वालों ने प्रशासन से मांग की है कि इस पुराने संपर्क मार्ग की तुरंत मरम्मत कराई जाए ताकि लोगों का आवागमन सुगम और सुरक्षित हो सके।