सकलडीहा में दर्दनाक हादसा, अंधी मां को पंखे की हवा देने गए बेटे की करंट से दर्दनाक मौत 

 

चंदौली के सकलडीहा थाना क्षेत्र के बभनपुरा गांव में दर्दनाक हादसा हुआ। अंधी मां को पंखे की हवा देने के दौरान 28 वर्षीय दीपक तिवारी करंट की चपेट में आ गया। मौके पर ही उसकी मौत हो गई, परिवार में कोहराम मचा है।

 
 

बभनपुरा गांव में करंट से युवक की मौत

अंधी मां को पंखे की हवा देने के दौरान हादसा

28 वर्षीय दीपक तिवारी की गई जान

इकलौता बेटा था, परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़

सकलडीहा पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा

चंदौली के सकलडीहा थाना क्षेत्र के बभनपुरा गांव में सोमवार की रात दर्दनाक हादसा हो गया। शुगर की बीमारी के कारण आंखों की रोशनी गंवा चुकी मां को पंखे की हवा देने के लिए बिजली का प्लग लगा रहा 28 वर्षीय युवक करंट की चपेट में आ गया। हादसे में उसकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद परिवार में कोहराम मच गया।

मां के लिए पंखा लगा रहा था दीपक

जानकारी के अनुसार बभनपुरा गांव निवासी राकेश तिवारी का 28 वर्षीय पुत्र दीपक अपने माता-पिता का इकलौता सहारा था। बताया जा रहा है कि दीपक की मां शुगर की बीमारी के कारण अपनी आंखों की रोशनी गंवा चुकी हैं। सोमवार की रात बिजली आने के बाद गर्मी से परेशान मां ने दीपक से पंखा चलाने के लिए कहा।

मां की बात सुनकर दीपक पंखा चलाने के लिए बिजली का प्लग लगाने लगा। इसी दौरान अचानक वह करंट की चपेट में आ गया। करंट लगते ही दीपक वहीं गिर पड़ा। बेटे को करंट की चपेट में आया देख मां ने शोर मचाते हुए आसपास के लोगों को आवाज दी।

मां की चीख सुनकर पहुंचे ग्रामीण

मां की चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और किसी तरह बिजली का कनेक्शन काटकर दीपक को करंट से अलग किया। इसके बाद उसे बचाने का प्रयास किया गया, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी।

हादसे की जानकारी मिलते ही परिजन मौके पर पहुंचे और दीपक का शव देखकर बदहवास हो गए। देखते ही देखते पूरे गांव में घटना की खबर फैल गई और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर जुट गए।

इकलौते सहारे की मौत से परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़

परिजनों के मुताबिक दीपक अपने माता-पिता का इकलौता पुत्र था और उनके बुढ़ापे का सहारा था। अचानक हुई इस दर्दनाक घटना से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। मां अपने इकलौते बेटे की मौत से बेसुध हो गईं, जबकि पिता राकेश तिवारी समेत अन्य परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।

दीपक ही परिवार का पालन-पोषण करता था। मां की आंखों की रोशनी जाने के बाद से वह उनकी हर छोटी-बड़ी जरूरत का ख्याल रखता था। मां को हवा देने के लिए पंखा लगाने गया और खुद काल के गाल में समा गया।

पुलिस ने शुरू की जांच

घटना की सूचना मिलने पर सकलडीहा थाना अध्यक्ष भूपेंद्र निषाद मौके पर पहुंच कर शव को कब्जे में लेकर आवश्यक कार्रवाई शुरू की। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

हादसे के बाद पूरे गांव में शोक का माहौल है। ग्रामीणों ने बताया कि बिजली के तारों में खराबी के कारण अक्सर करंट की घटनाएं होती हैं। ग्रामीणों ने बिजली विभाग से तारों की मरम्मत की मांग की है।