Sakaldiha Bar Association Protest: अधिवक्ताओं ने SDM को सौंपा लेटर, लेखपाल नवनीत मिश्रा पर लगाया भ्रष्टाचार करने का आरोप
सकलडीहा बार एसोसिएशन ने SDM को पत्रक सौंपा, RK प्रभारी लेखपाल नवनीत मिश्रा पर भ्रष्टाचार का आरोप, धारा 38(2), खतौनी संशोधन में पैसे लेकर बदलाव का आरोप, 12 नवंबर तक समाधान नहीं तो आंदोलन।
अधिवक्ताओं ने SDM को पत्रक सौंपा
लेखपाल नवनीत मिश्रा पर भ्रष्टाचार आरोप
धारा 38(2) मामलों में लेटलतीफी
खतौनी में अवैध नाम परिवर्तन आरोप
12 नवंबर तक आंदोलन की चेतावनी
चंदौली जनपद के सकलडीहा तहसील के बार एसोसिएशन के अधिवक्ताओं ने उप जिलाधिकारी सकलडीहा को पत्रक सौंपते हुए भ्रष्टाचार का आरोप लगाया है और अधिवक्ताओं ने चेतावनी दी कि यदि 12 नवंबर तक समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो बार एसोसिएशन आंदोलन करने के लिए बाध्य होगा।
बार के पूर्व अध्यक्ष नितिन कुमार तिवारी और पूर्व महामंत्री पंकज कुमार सिंह ने आरोप लगाया कि तहसील में धारा 38(2) से जुड़े मामलों का समय से निस्तारण नहीं किया जा रहा है। उनका कहना था कि कई मामलों में रिपोर्ट आने के बावजूद आदेश जारी नहीं किए जा रहे हैं और फाइलों पर कार्रवाई लंबित है। अधिवक्ताओं का आरोप है कि तहसील में कामकाज में लापरवाही बरती जा रही है।
IGRS और तहसील दिवस की रिपोर्ट भी लंबित
अधिवक्ताओं ने बताया कि IGRS, तहसील दिवस और सामान्य प्रार्थना पत्रों पर रिपोर्ट आने के बाद भी संबंधित मामलों का निस्तारण नहीं होने का आरोप लगाया गया। जनता की शिकायतों का समय से समाधान नहीं हो रहा है जिससे लोगों को परेशानी हो रही है। कई बार रिपोर्ट आने के बाद भी फाइलों को दबा दिया जाता है।
RK लेखपाल नवनीत मिश्रा पर गंभीर आरोप
अधिवक्ताओं ने सकलडीहा कार्यालय में तैनात रजिस्ट्रार नवनीत मिश्रा पर भी गंभीर आरोप लगाए। उनका दावा है कि खतौनी में नाम परिवर्तन और संशोधन का कार्य अदालत के अधिकार क्षेत्र में आता है, इसके बावजूद कथित रूप से पैसे लेकर ऐसे मामलों में बदलाव किया जा रहा है।
बार महामंत्री रामराज सिंह यादव ने आरोप लगाया कि रजिस्ट्रार कार्यालय में तैनात लेखपाल नवनीत मिश्रा द्वारा 38(2) से जुड़े मामलों में अनियमितता की जा रही है। उन्होंने जांच कर कार्रवाई और निलंबन की मांग की। अधिवक्ताओं का कहना है कि बिना कोर्ट के आदेश के खतौनी में बदलाव नहीं होना चाहिए लेकिन पैसे लेकर गलत तरीके से नाम बदले जा रहे हैं।
खतौनी में गलत बदलाव और फाइल गायब का आरोप
अधिवक्ताओं ने कहा कि खतौनी में गलत बदलाव के खिलाफ प्रार्थना पत्र और साक्ष्य देने के बावजूद सुधार नहीं किया जाता। उच्च अधिकारियों को भेजे गए प्रार्थना पत्र भी लंबित रहते हैं। अदालतों और तहसील कार्यालयों में 38(2), नक्शा सुधार समेत विभिन्न मामलों की फाइलों पर कार्रवाई नहीं होने तथा कुछ फाइलों के गायब होने का भी आरोप लगाया गया।
ज्ञापन में सरकारी जमीनों पर अवैध कब्जे को बढ़ावा देने और शिकायतों के निस्तारण नहीं करने का आरोप लगाया। अधिवक्ताओं का कहना है कि सरकारी जमीनों पर कब्जे की शिकायतों पर कोई कार्रवाई नहीं होती और अवैध कब्जे को बढ़ावा मिल रहा है।
12 नवंबर तक अल्टीमेटम
अधिवक्ताओं ने चेतावनी दी है कि 12 नवंबर तक समस्या का समाधान नहीं हुआ तो बार एसोसिएशन आंदोलन को बाध्य होगा। उन्होंने कहा कि अगर समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो सभी अधिवक्ता मिलकर तहसील में कार्य बहिष्कार और धरना-प्रदर्शन करेंगे।