सकलडीहा में ग्राम सचिवालय से गायब 22 पंचायत सहायकों पर बड़ा एक्शन, एडीओ पंचायत ने थमाया नोटिस

 

चंदौली के सकलडीहा ब्लॉक में ग्राम सचिवालयों से गायब रहने वाले 22 पंचायत सहायकों पर एडीओ पंचायत ने सख्त कार्रवाई शुरू की है। जांच में सामने आया कि कई सहायक मानदेय लेते हुए पढ़ाई और प्राइवेट नौकरी कर रहे थे।

 
 

सकलडीहा के 22 पंचायत सहायकों पर गिरी गाज

ड्यूटी से गायब रहकर कर रहे थे प्राइवेट काम

13 महिला और 9 पुरुष सहायकों को नोटिस

तीन दिनों के भीतर मांगा गया लिखित जवाब

चंदौली जिले के सकलडीहा विकासखंड में ग्राम सचिवालय से लगातार अनुपस्थित रहने वाले पंचायत सहायकों के खिलाफ प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। ड्यूटी में लापरवाही बरतने वाले 22 पंचायत सहायकों को चिह्नित कर उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

एडीओ पंचायत बजरंगी पांडेय ने इन सभी गैरहाजिर सहायकों को कारण बताओ स्पष्टीकरण नोटिस जारी कर दिया है। इस सख्त कार्रवाई की सूचना मिलते ही पंचायत सहायकों और संबंधित प्रशासनिक महकमे में पूरी तरह से हड़कंप मचा हुआ है।

सरकारी काम छोड़ निजी कामों में व्यस्त थे कर्मचारी

सकलडीहा विकासखंड में कुल 101 पंचायत सहायक तैनात किए गए हैं। इनका मुख्य काम ग्राम सचिवालय में बैठकर गांव के लोगों को सरकारी योजनाओं और ऑनलाइन सेवाओं का लाभ देना है। हालांकि, काफी समय से यह शिकायत मिल रही थी कि कई पंचायत सहायक अपनी जगह पर उपस्थित नहीं रहते हैं।

जब विभाग ने इस मामले की गंभीरता से जांच करवाई, तो चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। जांच में पाया गया कि कुछ पंचायत सहायक पद पर रहते हुए अलग-अलग शिक्षण संस्थानों में नियमित पढ़ाई कर रहे हैं, तो कुछ निजी कंपनियों में नौकरियां कर रहे हैं।

मानदेय भी ले रहे थे और कर रहे थे दूसरा काम

अधिकारियों के अनुसार, अपनी जिम्मेदारी छोड़कर दूसरे निजी कामों में व्यस्त रहने के बावजूद ये पंचायत सहायक नियमित रूप से मानदेय उठा रहे थे। सरकारी सेवा में रहते हुए इस तरह की अनियमितता पूरी तरह से नियमों के खिलाफ है। मामले का खुलासा होने के बाद विभागीय स्तर पर जांच और दंडात्मक कार्रवाई तेज कर दी गई है। चिह्नित किए गए 22 पंचायत सहायकों में 13 महिला सहायक और 9 पुरुष सहायक शामिल हैं। इन सभी से अपना पक्ष रखने के लिए कहा गया है।

तीन दिन के भीतर मांगा गया है स्पष्टीकरण

एडीओ पंचायत बजरंगी पांडेय ने बताया कि ग्रामीणों से मिल रही लगातार शिकायतों के आधार पर इन 22 लोगों को चिह्नित किया गया है। ये सभी अपने मूल सरकारी कार्य को छोड़कर अन्य स्थानों पर पढ़ाई और निजी नौकरी कर रहे थे। विभाग की तरफ से सभी को तीन दिन के भीतर अपना लिखित स्पष्टीकरण दाखिल करने का नोटिस दिया गया है। यदि निर्धारित समय में संतोषजनक जवाब नहीं मिलता है या नियम विरुद्ध कार्य की पुष्टि होती है, तो उनके खिलाफ कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।

बाकी सहायकों की कार्यप्रणाली पर भी कड़ी नजर

इस कार्रवाई के बाद विकासखंड के अन्य पंचायत सहायकों की उपस्थिति और कामकाज पर भी विभाग ने अपनी नजरें टेढ़ी कर ली हैं। अधिकारियों का कहना है कि नोटिस का जवाब आने के बाद मामले की विस्तृत जांच की जाएगी। ग्राम सचिवालयों में आम जनता को कोई परेशानी न हो, इसके लिए आने वाले दिनों में और भी औचक निरीक्षण किए जाएंगे। अगर अन्य जगहों पर भी ऐसी गड़बड़ी पाई जाती है, तो उन सहायकों पर भी इसी तरह का सख्त एक्शन लिया जाएगा।