जिस पर थी सरकारी जमीन बचाने की जिम्मेदारी, उसी लेखपाल पर लगा अवैध कब्जा कराने का आरोप, ग्रामीणों पहुंचे डीएम के पास!
चंदौली जिले के धरहरा गांव में खलिहान और खाद के गड्ढे की सरकारी जमीन पर लेखपाल द्वारा अवैध कब्जा कराने का गंभीर आरोप लगा है। एसडीएम के हस्तक्षेप के बाद भी काम न रुकने पर आक्रोशित ग्रामीणों ने डीएम से शिकायत की है।
धरहरा गांव में सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा
क्षेत्रीय लेखपाल पर मिलीभगत का गंभीर आरोप
एसडीएम के रोकने के बाद भी धान रोपाई जारी
ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से की लिखित शिकायत
कार्रवाई न होने पर अनिश्चितकालीन धरने की चेतावनी
चंदौली जिले से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है, जहां योगी सरकार में सरकारी जमीनों को भू-माफियाओं से मुक्त कराने के सख्त निर्देशों के बावजूद जिम्मेदार ही नियमों की धज्जियां उड़ा रहे हैं। मामला सकलडीहा तहसील क्षेत्र के धरहरा गांव का है, जहां सरकारी जमीन की हिफाजत करने वाले क्षेत्रीय लेखपाल पर ही मिलीभगत करके अवैध कब्जा कराने का गंभीर आरोप लगा है।
ग्रामीणों का आरोप है कि लेखपाल की शह और भ्रष्टाचार के चलते गांव में खलिहान और खाद के गड्ढे के लिए दर्ज सरकारी जमीन पर अवैध रूप से धान की रोपाई करवा दी गई है। स्थानीय स्तर पर सुनवाई न होने से नाराज ग्रामीणों ने अब जिलाधिकारी (डीएम) से मिलकर न्याय की गुहार लगाई है।
एसडीएम आकांक्षा सिंह के रोकने के बाद भी नहीं माना लेखपाल
मामले की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इसकी शिकायत पहले सकलडीहा तहसील के उप जिलाधिकारी (एसडीएम) और तहसीलदार से भी की गई थी। शिकायत मिलने पर एसडीएम सकलडीहा आकांक्षा सिंह ने खुद मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया था।
एसडीएम ने तत्काल प्रभाव से सरकारी जमीन पर हो रही धान की रोपाई को रुकवा दिया था और राजस्व टीम बनाकर जमीन की निष्पक्ष पैमाइश करने का निर्देश दिया था। लेकिन ग्रामीणों का आरोप है कि एसडीएम के आदेश के बावजूद लेखपाल ने अधिकारियों की बात को दरकिनार करते हुए अवैध रूप से धान की रोपाई जारी रखवाई।
तीन बार हो चुकी है पैमाइश, फिर भी कराया गया अवैध कब्जा
धरहरा गांव के निवासियों ने बताया कि इस सरकारी जमीन की पहले भी तीन बार पैमाइश हो चुकी है और इसके लिए बाकायदा चूना डालकर निशानदेही और चिह्नांकन भी किया जा चुका है। सब कुछ साफ होने के बावजूद क्षेत्रीय लेखपाल की गतिविधियां पूरी तरह से संदिग्ध बनी हुई हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि लेखपाल ने अपनी जिम्मेदारी से मुंह मोड़कर कब्जाधारकों का समर्थन किया है, जिससे गांव में तनाव की स्थिति पैदा हो गई है। लोगों का मानना है कि यदि प्रशासन ने समय रहते सख्त रुख नहीं अपनाया, तो गांव में कभी भी बड़ी मारपीट या खूनी संघर्ष हो सकता है, जिसकी पूरी जिम्मेदारी लेखपाल और स्थानीय प्रशासन की होगी।
भ्रष्ट लेखपाल पर कार्रवाई की मांग, दी अनिश्चितकालीन धरने की चेतावनी
जिलाधिकारी से शिकायत करते हुए ग्रामीणों ने मांग की है कि ऐसे भ्रष्टाचारी और लापरवाह लेखपाल के खिलाफ तत्काल दंडात्मक कार्रवाई की जाए। इसके साथ ही खलिहान और खाद के गड्ढे की सरकारी जमीन को पूरी तरह से कब्जामुक्त कराकर उसे गांव के सार्वजनिक कार्यों के लिए उपयोग में लाया जाए।
गांव के लोगों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि उन्हें जिला प्रशासन से जल्द ही न्याय नहीं मिला और अवैध कब्जे को नहीं हटाया गया, तो वे उग्र आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे। ग्रामीणों ने साफ कर दिया है कि वे अपनी मांग पूरी होने तक अनिश्चितकालीन धरने पर बैठने से पीछे नहीं हटेंगे।