सकलडीहा में बिजली संकट से हाहाकार, रातभर जागने को मजबूर ग्रामीण, कभी भी फूट सकता है गुस्सा

 

चंदौली के सकलडीहा फीडर के ग्रामीण इलाकों में बिजली की भारी कटौती से लोगों का जीना मुहाल हो गया है। भीषण गर्मी और उमस के बीच रात-रात भर जाग रहे ग्रामीणों का गुस्सा अब बिजली विभाग के खिलाफ फूटने की कगार पर है।

 
 

सकलडीहा फीडर में भारी बिजली कटौती

भीषण गर्मी में ग्रामीणों की नींद हराम

कागजी साबित हुए सरकारी बिजली दावे

पेयजल संकट से बढ़ी लोगों की परेशानी

कभी भी फूट सकता जनआक्रोश

चंदौली जनपद के सकलडीहा फीडर के अंतर्गत आने वाले ग्रामीण क्षेत्रों में इन दिनों बिजली व्यवस्था पूरी तरह से चरमरा गई है। क्षेत्र में हो रही भारी और अनियमित कटौती ने स्थानीय लोगों की मुश्किलों को अत्यधिक बढ़ा दिया है। भीषण गर्मी के इस मौसम में बिजली की इस आंख-मिचौली ने ग्रामीणों का सुकून छीन लिया है। दिन हो या रात, चौबीस घंटे में किसी भी समय बिजली की लगातार आवाजाही से आम जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो चुका है।

नींद हुई हराम, पेयजल का भी संकट गहराया
सबसे बदतर हालात रात के समय देखने को मिल रहे हैं। रात के वक्त घंटों बिजली गायब रहने के कारण ग्रामीण उमस और मच्छरों के प्रकोप से बुरी तरह परेशान हैं। लोगों का अपने घरों के भीतर रहना तक दूभर हो गया है। ग्रामीणों का साफ कहना है कि सरकार की ओर से ग्रामीण इलाकों में 20 घंटे और शहरों में 24 घंटे बिजली देने के जो दावे किए जा रहे हैं, वे सकलडीहा में केवल कागजों तक ही सीमित नजर आते हैं। शाम ढलते ही बिजली की कटौती शुरू हो जाती है, जिससे बच्चों की पढ़ाई लिखाई, किसानों के जरूरी काम और रोजमर्रा के घरेलू कामकाज ठप पड़ रहे हैं। इतना ही नहीं, बिजली न रहने की वजह से अब गांवों में पीने के पानी का संकट भी गहराने लगा है, क्योंकि अधिकांश इलाकों में जल आपूर्ति पूरी तरह बिजली पर ही निर्भर है।

अधिकारियों के दावे पर फूटता जनआक्रोश
बिजली विभाग की इस लापरवाही को लेकर उपभोक्ताओं में भारी नाराजगी और गुस्सा देखा जा रहा है। स्थानीय लोगों के अनुसार बार-बार शिकायत दर्ज कराने के बाद भी उपकेंद्र स्तर से स्थिति में कोई सुधार नहीं किया जा रहा है। लोग रातभर जागकर समय काटने को विवश हैं, जिससे अब कभी भी जनता का आक्रोश सड़क पर फूट सकता है।

इस गंभीर समस्या के संबंध में जब सकलडीहा के अधिशासी अभियंता (एक्सियन) से बात की गई, तो उन्होंने बताया कि यह कटौती स्थानीय स्तर से नहीं बल्कि ऊपर से ही की जा रही है। वर्तमान समय में गर्मी के कारण बिजली की मांग बहुत ज्यादा बढ़ गई है, जिससे लोड अधिक होने के कारण सप्लाई प्रभावित हो रही है। उन्होंने आश्वासन दिया कि विभाग द्वारा व्यवस्था को सामान्य करने का प्रयास किया जा रहा है। हालांकि, ग्रामीणों का स्पष्ट कहना है कि जब तक क्षेत्र को नियमित और पर्याप्त बिजली नहीं मिलेगी, तब तक उन्हें इस नरकीय स्थिति से राहत मिलने वाली नहीं है।