रायपुर में सड़क हादसे में चंदौली के बीटेक इंजीनियर आशीष यादव की मौत, शव घर पहुंचते ही मची हाहाकार
चंदौली के सकलडीहा क्षेत्र के होनहार बीटेक इंजीनियर आशीष यादव की रायपुर में एक दर्दनाक सड़क हादसे में मौत हो गई। गुरुवार को उनका शव गांव पहुंचते ही परिजनों में कोहराम मच गया।
रायपुर में दर्दनाक सड़क हादसा
प्रोजेक्ट मैनेजर आशीष की मौत
गांव पहुंचते ही मचा कोहराम
बलुआ घाट पर अंतिम संस्कार
चंदौली जिले के सकलडीहा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले चतुर्भुजपुर गोइजर गांव में उस समय चीख-पुकार मच गई, जब बुधवार की सुबह छत्तीसगढ़ के रायपुर से एक बेहद बुरी खबर आई। यहां के रहने वाले 26 साल के होनहार युवक आशीष यादव की एक दर्दनाक सड़क हादसे में मौत हो गई। आशीष रायपुर में एक नामी टावर कंपनी में प्रोजेक्ट मैनेजर के बड़े पद पर काम कर रहे थे।
गुरुवार को जैसे ही एंबुलेंस से उनका शव उनके पैतृक गांव चतुर्भुजपुर गोइजर पहुंचा, वैसे ही पूरे इलाके में कोहराम मच गया। अपने जवान बेटे के शव को देखकर माता-पिता और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। इस दुखद घटना से पूरे गांव में चूल्हा तक नहीं जला।
बाइक से ड्यूटी जाते समय तेज रफ्तार ट्रक ने मारी जोरदार टक्कर
पारिवारिक सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, बुधवार की सुबह करीब 8 बजे आशीष यादव हमेशा की तरह अपनी बाइक पर सवार होकर काम के सिलसिले में साइट पर जा रहे थे। अभी वह रास्ते में ही थे कि सामने से आ रहे एक बेहद तेज रफ्तार अनियंत्रित ट्रक ने उनकी बाइक में जोरदार टक्कर मार दी।
टक्कर इतनी भयानक थी कि आशीष बाइक समेत दूर जा गिरे और गंभीर रूप से घायल हो गए। मौके पर मौजूद स्थानीय लोगों ने इंसानियत दिखाते हुए उन्हें तुरंत पास के अस्पताल पहुंचाया। लेकिन डॉक्टरों की तमाम कोशिशों के बावजूद इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया।
सिविल इंजीनियर थे अविवाहित आशीष
आशीष यादव पढ़ाई-लिखाई में बचपन से ही बहुत होनहार थे। उन्होंने सिविल इंजीनियरिंग में बीटेक की डिग्री ली थी और बहुत कम उम्र में ही रायपुर की कंपनी में प्रोजेक्ट मैनेजर की जिम्मेदारी संभाल रहे थे। वह अभी अविवाहित थे और अपने करियर में तेजी से आगे बढ़ रहे थे, जिससे परिवार को उनसे बड़ी उम्मीदें थीं।
आशीष के पिता कमलेश यादव नोएडा के जेपी अस्पताल से अकाउंटेंट के पद से रिटायर्ड (सेवानिवृत्त) हैं। उनके तीन बेटों में आशीष सबसे छोटे और लाडले थे। इस असमय मौत ने पूरे हंसते-खेलते परिवार को भीतर से झकझोर कर रख दिया है।
बलुआ घाट पर नम आंखों से हुआ अंतिम संस्कार
गुरुवार को जब आशीष का पार्थिव शरीर गांव लाया गया, तो माहौल पूरी तरह गमगीन हो गया। बड़े पिता राधेश्याम यादव, चंद्रशेखर यादव और पिता कमलेश यादव सहित सभी रिश्तेदारों के आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे थे। आशीष के अंतिम दर्शन के लिए पूरे गांव और आसपास के इलाकों से लोगों का भारी जनसैलाब उमड़ पड़ा।
इसके बाद दोपहर को आशीष यादव के शव को अंतिम विदाई के लिए ले जाया गया, जहां बलुआ घाट पर पूरे रीति-रिवाज के साथ उनका अंतिम संस्कार संपन्न हुआ। मुखाग्नि के समय वहां मौजूद हर एक ग्रामीण, रिश्तेदार और शुभचिंतक की आंखें नम थीं और हर कोई इस होनहार युवक की आत्मा की शांति की प्रार्थना कर रहा था।