सकलडीहा में बड़ी राहत: अब मात्र 5 रुपये में मिलेगी परिवार रजिस्टर की नकल, हलफनामे की अनिवार्यता हुई खत्म

 

सकलडीहा में एसआईआर मैपिंग के बीच एडीओ पंचायत ने परिवार रजिस्टर की नकल के लिए नई गाइडलाइन जारी की है। अब बिना हलफनामे के मात्र 5 रुपये में नकल प्राप्त की जा सकती है।

 
 

25 हजार से अधिक मतदाताओं को नोटिस के बाद प्रक्रिया सरल

पंचायती राज अधिनियम 1947 के तहत नियमों में बदलाव

हलफनामे की जगह अब सादे कागज पर आवेदन होगा मान्य

नकल के लिए निर्धारित 5 रुपये का शुल्क ग्राम पंचायत खाते में होगा जमा

एडीओ पंचायत बजरंगी पांडेय ने सचिवों को दिए सख्त निर्देश

चंदौली  जनपद की सकलडीहा तहसील के अंतर्गत एसआईआर (SIR) मैपिंग प्रक्रिया के कारण नोटिस प्राप्त करने वाले 25 हजार से अधिक मतदाताओं के लिए प्रशासन ने राहत भरी खबर दी है। परिवार रजिस्टर की नकल प्राप्त करने और नाम शुद्धिकरण की जटिल प्रक्रिया को अब बेहद सरल और सस्ता बना दिया गया है। एडीओ पंचायत बजरंगी पांडेय ने स्पष्ट किया है कि इस कार्य के लिए अब किसी भी प्रकार के महंगे हलफनामे (Affidavit) की आवश्यकता नहीं होगी।

नियमों का हवाला और शुल्क का निर्धारण
एडीओ पंचायत ने बुधवार को सचिवों के साथ बैठक कर निर्देश दिया कि पंचायती राज अधिनियम 1947 के नियम 73 के तहत, कोई भी नागरिक सादे कागज पर आवेदन देकर मात्र 5 रुपये का सरकारी शुल्क जमा कर परिवार रजिस्टर की नकल प्राप्त कर सकता है। यह धनराशि सीधे ग्राम पंचायत के ओएसआर (OSR) खाते में जमा की जाएगी। अक्सर ग्रामीणों को हलफनामा बनवाने के नाम पर गुमराह किया जाता था, जिससे उनका समय और पैसा दोनों बर्बाद होता था।

भ्रामक सूचना देने वालों पर गिरेगी गाज
प्रशासन के संज्ञान में आया था कि कुछ कर्मचारी मतदाताओं को नाम जोड़ने या शुद्धिकरण के लिए हलफनामा देने की भ्रामक जानकारी दे रहे हैं। इस पर सख्त रुख अपनाते हुए एडीओ पंचायत ने कहा कि परिवार रजिस्टर अनुरक्षण नियमावली 1970 में हलफनामे का कोई प्रावधान नहीं है। यदि कोई कर्मचारी जनता को परेशान करता पाया गया, तो उसके विरुद्ध तत्काल विभागीय कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।

नाम जोड़ने के लिए आसान हुई राह
वोटर लिस्ट में नाम जुड़वाने या सुधार करवाने के इच्छुक लोग अब सीधे एडीओ पंचायत के नाम सादे पन्ने पर प्रार्थना पत्र दे सकेंगे। यह कदम विशेष रूप से उन 25 हजार मतदाताओं के लिए कारगर साबित होगा जिन्हें नो मैपिंग के तहत नोटिस जारी किए गए हैं। इस सरलीकरण से तहसील में व्याप्त बिचौलियों के प्रभाव पर भी लगाम लगने की उम्मीद है।