वकीलों की चेतावनी के बाद बड़ा एक्शन: लेखपाल साकिब सस्पेंड, तहसीलदार 7 दिनों में जांच करके देंगे रिपोर्ट
चंदौली के सकलडीहा तहसील में अधिवक्ता उपेंद्र सिंह के साथ मारपीट के आरोपी लेखपाल साकिब अंसारी को एसडीएम कुंदन राज कपूर ने सस्पेंड कर दिया है। मामले की जांच तहसीलदार को सौंपकर 7 दिनों में रिपोर्ट मांगी गई है।
सकलडीहा एसडीएम ने लिया बड़ा एक्शन
आरोपी लेखपाल साकिब अंसारी हुए निलंबित
तहसीलदार अनुराग सिंह करेंगे पूरे मामले की जांच
29 जून को फाइल को लेकर हुआ था विवाद
दोनों पक्षों की तरफ से दर्ज है मुकदमा
चंदौली जिले की सकलडीहा तहसील से इस वक्त की एक बड़ी और अहम खबर सामने आ रही है। तहसील परिसर में अधिवक्ता के साथ हुई मारपीट के हाईप्रोफाइल मामले में प्रशासन ने बेहद सख्त रुख अपनाया है। सकलडीहा के उप जिलाधिकारी (SDM) कुंदन राज कपूर ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी लेखपाल साकिब अंसारी को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड (निलंबित) कर दिया है।
एसडीएम के इस कड़े एक्शन के बाद पूरी तहसील में हड़कंप मच गया है और दिनभर परिसर में इसी मामले की चर्चा होती रही। दूसरी तरफ, कार्रवाई की जानकारी मिलने के बाद अधिवक्ताओं ने प्रशासन के इस कदम का स्वागत किया है, लेकिन साथ ही पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग भी दोहराई है।
तहसीलदार जांच करके 7 दिन में देनी होगी रिपोर्ट
एसडीएम कुंदन राज कपूर द्वारा जारी किए गए आधिकारिक आदेश के मुताबिक, लेखपाल साकिब अंसारी को निलंबित करने के साथ ही इस पूरे विवाद की विस्तृत जांच तहसीलदार अनुराग सिंह को सौंप दी गई है। आदेश में साफ तौर पर निर्देश दिया गया है कि जांच अधिकारी को महज सात दिनों के भीतर पूरे घटनाक्रम की बारीकी से जांच करके अपनी रिपोर्ट सौंपनी होगी। इसी रिपोर्ट के आधार पर आगे की बड़ी विभागीय कार्रवाई तय की जाएगी।
सस्पेंशन के नियमों के अनुसार, निलंबन की इस अवधि के दौरान लेखपाल साकिब अंसारी का जुड़ाव राजस्व निरीक्षक कार्यालय से रहेगा। इसके साथ ही, सेवा नियमावली के प्रावधानों के तहत उन्हें जीवन निर्वाह भत्ता और अन्य जरूरी देय भत्ते मिलते रहेंगे।
फाइल देखने को लेकर हुयी थी मारपीट, दोनों पक्षों ने दर्ज कराया है केस
पूरा मामला बीते 29 जून का है, जब सकलडीहा तहसील परिसर में किसी सरकारी फाइल को देखने-दिखाने की बात पर अधिवक्ता उपेंद्र सिंह और लेखपाल साकिब अंसारी के बीच कहासुनी हो गई थी। देखते ही देखते यह बहस इतनी बढ़ गई कि दोनों के बीच मारपीट हो गई, जिसमें अधिवक्ता उपेंद्र सिंह को चोटें आई थीं। घटना के तुरंत बाद वकीलों के गुट ने लेखपाल पर गंभीर आरोप लगाते हुए पुलिस में मुकदमा दर्ज करा दिया था।
वहीं, दूसरी ओर से लेखपाल साकिब अंसारी ने भी अधिवक्ता के खिलाफ सरकारी कामकाज में बाधा डालने और बदतमीजी करने समेत कई अन्य संगीन धाराओं में काउंटर केस दर्ज कराया था। इस घटना के विरोध में वकीलों ने तहसील परिसर में जमकर धरना-प्रदर्शन किया था और आरोपी लेखपाल पर फौरन एक्शन की मांग की थी। अब लेखपाल के सस्पेंड होने और 7 दिन की जांच बैठ जाने के बाद इस पूरे मामले ने एक नया मोड़ ले लिया है।