सकलडीहा तहसील के 40 गांवों में ठप हुए आय-जाति प्रमाण पत्र के काम, लेखपाल नहीं झेलेंगे ओवरलोड काम
सकलडीहा तहसील में लेखपालों का विरोध
7 सूत्रीय मांगों पर अड़ा लेखपाल संघ
आय जाति और निवास प्रमाण पत्र ठप
अतिरिक्त प्रभार छोड़कर वापस किए बस्ते
उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ के आह्वान पर आंदोलन
चंदौली जिले की सकलडीहा तहसील सभागार में शुक्रवार को उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ की एक अहम बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में लेखपालों ने अपनी सात सूत्रीय मांगों को लेकर जमकर नारेबाजी की। लेखपालों ने साफ कह दिया है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होंगी, वे अतिरिक्त कार्यभार नहीं संभालेंगे।
40 गांवों में ठप पड़ा सरकारी कामकाज
लेखपाल संघ के तहसील अध्यक्ष अरुण कुमार अवस्थी ने बताया कि बीते 22 सितंबर से ही सकलडीहा तहसील के 40 लेखपालों ने अतिरिक्त प्रभार का काम छोड़ दिया है। इस वजह से इन गांवों में आम जनता से जुड़े सारे जरूरी काम पूरी तरह से रुक गए हैं।
आय, जाति, निवास प्रमाण पत्र और वरासत जैसे रोजमर्रा के दस्तावेज बनने बंद हो गए हैं। इसके अलावा तहसील का अन्य राजस्व काम भी पूरी तरह से प्रभावित हो रहा है, जिससे आम जनता को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
खाली पदों और बिना भत्ते का विरोध
तहसील अध्यक्ष ने बताया कि सकलडीहा तहसील में लेखपालों के कुल 152 पद स्वीकृत हैं, लेकिन वर्तमान में सिर्फ 119 लेखपाल ही कार्यरत हैं। इनमें से भी 11 लेखपाल ऑफिस के पटल का काम देख रहे हैं।
जो लेखपाल अपने इलाके के अलावा दूसरे गांवों का अतिरिक्त काम देख रहे हैं, उन्हें इसके लिए कोई अलग से मानदेय या पैसा नहीं मिलता। इसी के विरोध में लेखपालों ने अतिरिक्त काम का बहिष्कार कर अपने बस्ते तहसील प्रशासन को वापस सौंप दिए हैं।
ये हैं लेखपाल संघ की मुख्य 7 सूत्रीय मांगें
लेखपालों की मुख्य मांगों में लेखपालों का समय से ट्रांसफर, 2800 ग्रेड पे देना, पदोन्नति (प्रमोशन), पद को तकनीकी घोषित करना, साइकिल भत्ता और स्टेशनरी भत्ते में बढ़ोतरी करना शामिल है।
संघ के नेताओं ने बताया कि यह कार्य बहिष्कार उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ के केंद्रीय आह्वान पर किया जा रहा है। राजस्व परिषद ने अभी तक उनकी एक भी मांग नहीं मानी है, इसलिए संघ के निर्देश पर आने वाले दिनों में आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
बैठक में मौजूद रहे संघ के प्रमुख पदाधिकारी
इस बैठक के दौरान संघ के जिलाध्यक्ष बिनय कुमार सिंह, जिला मंत्री बीरेंद्र कौशल, तहसील अध्यक्ष अरुण कुमार अवस्थी, तहसील मंत्री अनिल कुमार, विजय यादव, राकेश सिंह, सुरेंद्र पाल, अनिल कुमार, राजेश पासवान, आलोक पांडेय और सुभाष मौर्या समेत काफी संख्या में लेखपाल मौजूद रहे।