पुलिस के डर से झुके किन्नर: शादी के घर से जबरन वसूली गई ₹50 हजार की ज्वेलरी लौटाई

चंदौली के धरहरा गांव में नेग के नाम पर जबरन सोने के गहने और नकदी ले जाने वाले किन्नरों के हौसले पस्त हो गए। पुलिस में शिकायत दर्ज होने के बाद कार्रवाई के डर से किन्नरों ने पीड़ित परिवार को ₹50 हजार के आभूषण वापस कर दिए हैं।

 

धरहरा गांव में नेग के नाम पर हुई थी अवैध वसूली

शादी वाले घर से जबरन ले गए थे सोने के आभूषण

पीड़ित परिवार ने सकलडीहा कोतवाली में की थी शिकायत

पुलिसिया कार्रवाई के खौफ से वापस किए कीमती गहने

गांव में पूर्व में भी चर्चा में रही किन्नरों की अभद्रता


चंदौली जनपद के सकलडीहा कोतवाली अंतर्गत धरहरा गांव में पुलिस के सख्त रुख के बाद अवैध वसूली करने वाले किन्नरों को पीछे हटना पड़ा है। तीन दिन पूर्व एक शादी वाले घर में नेग के नाम पर जबरन गहने ले जाने वाले किन्नरों ने कार्रवाई के डर से आज पीड़ित परिवार के कीमती आभूषण वापस कर दिए।  वहां पर  पुत्र के विवाह के बाद नेग मांगने के लिए किन्नरों का झुंड वहां पहुंचा था।

कहा जा रहा है कि पत्नी से कान का कनफूल व पैर का पायल व 2000 रुपए ले गए थे। जब पति को मालूम हुआ तो उसने थाने में तहरीर दिया, जिसके बाद पुलिस ने किन्नरों को बुलाकर सब सामान वापस कराया, यहां तक किन्नरो ने नेग में लिया गया कैश भी वापस कर दिया। 

क्या था पूरा मामला?
मिली जानकारी के अनुसार, तीन दिन पहले धरहरा गांव के निवासी हरिनारायण शर्मा के घर में शादी का कार्यक्रम था। इसी दौरान किन्नरों का एक गुट वहां पहुंचा और बेटे की शादी के नेग के नाम पर अभद्रता शुरू कर दी। आरोप है कि किन्नरों ने दबाव बनाकर परिवार से सोने के आभूषण और 2000 रुपये नकद वसूल लिए, जिनकी कुल कीमत लगभग 50 हजार रुपये बताई जा रही थी।

पुलिस की  कार्रवाई का डर
किन्नरों की इस अवैध वसूली और अभद्र व्यवहार से परेशान होकर पीड़ित परिवार ने सकलडीहा कोतवाली में न्याय की गुहार लगाई थी। हरिनारायण शर्मा ने पुलिस को शिकायती पत्र सौंपकर कानूनी कार्रवाई की मांग की। जैसे ही पुलिस ने मामले की जांच शुरू की और किन्नरों पर शिकंजा कसना चाहा, वे कानूनी पचड़े के डर से बैकफुट पर आ गए।

वापस किए कीमती आभूषण
पुलिसिया कार्रवाई और गिरफ्तारी के खौफ से किन्नरों ने आज स्वयं ही पीड़ित परिवार से संपर्क किया और उनके द्वारा लिए गए सभी कीमती आभूषण सकुशल वापस कर दिए। स्थानीय लोगों का कहना है कि धरहरा गांव और आसपास के क्षेत्रों में किन्नरों द्वारा अवैध वसूली और अभद्रता की घटनाएं पहले भी चर्चा में रही हैं, लेकिन इस बार पुलिस की मुस्तैदी ने पीड़ितों को बड़ी राहत दिलाई है।