सकलडीहा पीजी कॉलेज का जलवा: प्रमाण पोर्टल की रैंकिंग में वाराणसी मंडल में किया टॉप, प्रदेश में हासिल किया छठा स्थान

 

चंदौली के प्रमुख शिक्षण संस्थान सकलडीहा पीजी कॉलेज ने सरकारी प्रमाण पोर्टल पर उत्तर प्रदेश में छठा और वाराणसी मंडल में पहला स्थान पाकर नया इतिहास रचा है। शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए दाखिले की रेस भी शुरू हो गई है। पूरी खबर पढ़ें।

 
 

सकलडीहा पीजी कॉलेज ने किया टॉप

प्रमाण पोर्टल रैंकिंग में छठा स्थान

अंतरराष्ट्रीय गुणवत्ता प्रमाणपत्र ISO मिला

सत्र 2026-27 प्रवेश प्रक्रिया शुरू

पहले आओ पहले पाओ पर दाखिला

 उत्तर प्रदेश के आकांक्षी जनपद चंदौली का प्रमुख उच्च शिक्षण संस्थान सकलडीहा पीजी कॉलेज शिक्षा के क्षेत्र में लगातार नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है। इस महाविद्यालय ने अपनी बेहतरीन शैक्षणिक गुणवत्ता, उत्कृष्ट शिक्षण व्यवस्था और विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के प्रति अपने समर्पण के बल पर प्रदेश स्तर पर एक विशेष पहचान बनाई है। हाल ही में शासन द्वारा संचालित 'प्रमाण पोर्टल' की ताजा रैंकिंग में इस महाविद्यालय को उत्तर प्रदेश के समस्त विश्वविद्यालयों एवं जनपदों के बीच छठा स्थान प्राप्त हुआ है, जो पूरे जिले के लिए एक बड़ी उपलब्धि है।

सकलडीहा पीजी कॉलेज ने राष्ट्रीय मूल्यांकन एवं प्रत्यायन परिषद (NAAC) के द्वितीय चक्र के मूल्यांकन में पहले ही ‘बी’ ग्रेड प्रमाणन प्राप्त कर अपनी गुणवत्ता सिद्ध की है। इसके साथ ही, संस्थान को अपनी उच्च शैक्षणिक गुणवत्ता और उत्कृष्ट प्रबंधन व्यवस्था के लिए हाल ही में अंतरराष्ट्रीय गुणवत्ता प्रमाणपत्र (ISO) से भी नवाजा गया है। यह दोहरी अंतरराष्ट्रीय व राष्ट्रीय उपलब्धि महाविद्यालय के उच्च शैक्षणिक स्तर और सुदृढ़ प्रशासनिक दक्षता को साफ तौर पर दर्शाती है।

महाविद्यालय में उपलब्ध हैं आधुनिक सुविधाएं
संस्थान की इस गौरवमयी सफलता पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए महाविद्यालय के प्राचार्य प्रोफेसर प्रदीप कुमार पांडे ने बताया कि संस्थान में बेहद अनुभवी, समर्पित एवं योग्य प्राध्यापकों द्वारा विद्यार्थियों को सिर्फ किताबी ज्ञान ही नहीं बल्कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ उचित करियर मार्गदर्शन भी प्रदान किया जाता है। यही कारण है कि आज संस्थान इस मुकाम पर पहुंचा है।

उन्होंने आगे बताया कि कॉलेज परिसर में छात्रों के लिए एक समृद्ध पुस्तकालय, आधुनिक वाचनालय, कंप्यूटर लैब की उत्तम सुविधा उपलब्ध है। इसके साथ ही विद्यार्थियों के बौद्धिक व मानसिक विकास के लिए विभिन्न शैक्षणिक, खेलकूद एवं सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों का नियमित अंतराल पर आयोजन किया जाता है। विश्वविद्यालय स्तर की विभिन्न प्रतियोगिताओं और मेधावी छात्र श्रृंखला में भी यहाँ के छात्र-छात्राएं लगातार उत्कृष्ट प्रदर्शन कर संस्थान व जिले का नाम रोशन कर रहे हैं।

सत्र 2026-27 के लिए प्रवेश प्रक्रिया हुई प्रारंभ
प्राचार्य प्रोफेसर प्रदीप कुमार पांडे ने क्षेत्र के युवाओं के लिए एक महत्वपूर्ण जानकारी साझा करते हुए बताया कि महाविद्यालय में नए शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए ऑनलाइन प्रवेश प्रक्रिया (Admission Process) का शुभारंभ कर दिया गया है। उच्च शिक्षा प्राप्त करने के इच्छुक छात्र-छात्राएं कॉलेज की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर ऑनलाइन आवेदन पत्र भरकर अपना प्रवेश सुरक्षित करा सकते हैं।

प्राचार्य ने यह भी स्पष्ट किया कि सरकार की नीति के अनुसार, उत्कृष्ट उपलब्धि प्राप्त और नैक/आईएसओ प्रमाणित शिक्षण संस्थानों में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं को शासन द्वारा मिलने वाली विभिन्न छात्रवृत्ति (Scholarship) योजनाओं में भी विशेष प्राथमिकता दी जाती है। ऐसे में इस प्रतिष्ठित कॉलेज में दाखिला लेने वाले छात्र-छात्राओं को दोहरा लाभ मिलने वाला है।

सीमित सीटें: "पहले आओ, पहले पाओ" के आधार पर दाखिला
कोर्स और विषयों की उपलब्धता के बारे में जानकारी देते हुए कॉलेज प्रशासन ने बताया कि यहाँ स्नातक (UG) स्तर पर हिंदी, अंग्रेजी, संस्कृत, समाजशास्त्र, राजनीति शास्त्र, रक्षा अध्ययन, भूगोल, मनोविज्ञान, शारीरिक शिक्षा एवं गृह विज्ञान जैसे महत्वपूर्ण विषय उपलब्ध हैं। वहीं परास्नातक (PG) स्तर के छात्रों के लिए हिंदी, अंग्रेजी, भूगोल, राजनीति शास्त्र, अर्थशास्त्र एवं समाजशास्त्र विषयों में उच्च शिक्षा और शोध की बेहतरीन सुविधा दी जा रही है।

अंत में, प्राचार्य ने सभी प्रवेश के इच्छुक अभ्यर्थियों और छात्र-छात्राओं से अपील की है कि वे समय रहते बिना अंतिम तिथि का इंतजार किए अपने पसंदीदा विषयों के लिए तुरंत ऑनलाइन आवेदन फॉर्म भर दें। उन्होंने सचेत किया कि चूंकि प्रत्येक विषय में सीटें पूरी तरह से सीमित हैं, इसलिए प्रवेश की कार्यवाही पूरी तरह से “पहले आओ, पहले पाओ” के नियम के आधार पर की जाएगी।