सावन में पड़ेगा बारावफात: सकलडीहा पुलिस की धर्मगुरुओं के साथ बैठक, अफवाह फैलाने वालों को चेतावनी
सकलडीहा कोतवाली में बारावफात पर्व को लेकर शांति समिति की बैठक हुई। थानाध्यक्ष भूपेंद्र कुमार निषाद ने नई परंपरा न शुरू करने और तय मार्गों से ही जुलूस निकालने के निर्देश दिए।
सकलडीहा में शांति समिति की बैठक
बारावफात पर्व पर सख्त सुरक्षा इंतजाम
नई परंपरा पर पुलिस की रोक
सादे कपड़ों में तैनात रहेंगे पुलिसकर्मी
अफवाह फैलाने वालों पर कड़ी कार्रवाई
चंदौली जिले की सकलडीहा कोतवाली में शनिवार को आगामी बारावफात पर्व को देखते हुए शांति समिति की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। यह बैठक थानाध्यक्ष भूपेंद्र कुमार निषाद की अध्यक्षता में संपन्न हुई। बैठक का मुख्य उद्देश्य त्योहार के दौरान क्षेत्र में कानून-व्यवस्था और आपसी भाईचारा बनाए रखना था।
सात स्थानों पर मनेगा पर्व, नई परंपरा पर पूरी तरह रोक
थानाध्यक्ष भूपेंद्र कुमार निषाद ने बैठक में मौजूद लोगों को संबोधित करते हुए बताया कि कोतवाली क्षेत्र के कुल सात तय स्थानों पर ही बारावफात का पर्व मनाया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में हिदायत दी कि किसी भी नए स्थान पर कार्यक्रम आयोजित करने या नई परंपरा शुरू करने की अनुमति बिल्कुल नहीं होगी। बारावफात के जुलूस केवल पूर्व निर्धारित मार्गों से ही निकाले जाएंगे और लाउडस्पीकर की आवाज भी तय मानकों के अनुसार ही रखनी होगी।
सावन के चलते सुरक्षा के कड़े इंतजाम, मुस्तैद रहेगी पुलिस
थानाध्यक्ष ने मुस्लिम धर्मगुरुओं से शांति, सौहार्द और भाईचारे के साथ त्योहार मनाने की अपील की। उन्होंने बताया कि इस बार सावन माह के दौरान ही बारावफात पड़ रहा है, इसलिए सुरक्षा के व्यापक और कड़े इंतजाम किए जाएंगे। क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए अवांछनीय तत्वों पर पैनी नजर रखी जाएगी। मुख्य स्थानों और जुलूस के रास्तों पर सादे कपड़ों में भी पुलिसकर्मियों की तैनाती रहेगी।
अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ दर्ज होगा मुकदमा
थानाध्यक्ष ने कड़ी चेतावनी दी कि त्योहार के दौरान माहौल खराब करने या सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने की कोशिश करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। ऐसा करने वालों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इस अवसर पर उपनिरीक्षक वरुणेंद्र राय, अभिमन्यु राय, गोपाल तिवारी, दिनेश राम, रोजन, समसुद्दीन, सिराजुद्दीन, सरफू और जहूर सहित कई पुलिसकर्मी और धर्मगुरु उपस्थित रहे।