सकलडीहा में हुए सड़क हादसे में  22 वर्षीय इलेक्ट्रॉनिक मिस्त्री की मौत, परिवार में मचा कोहराम

 

चन्दौली के सकलडीहा में रविवार देर रात एक भीषण सड़क हादसे में 22 साल के युवक दीपक मौर्य की जान चली गई। दुकान से घर लौटते समय अज्ञात भारी वाहन ने उनकी बाइक को जोरदार टक्कर मार दी थी।

 
 

अज्ञात वाहन की टक्कर से मौत

इलेक्ट्रॉनिक मिस्त्री दीपक की गई जान

सीएचसी सकलडीहा में घोषित मृत

बिना पोस्टमार्टम के अंतिम संस्कार

चन्दौली जनपद के सकलडीहा कोतवाली क्षेत्र के अंतर्गत ताजपुर पेट्रोल पंप के पास रविवार देर रात एक बेहद दर्दनाक सड़क हादसा सामने आया है। इस भीषण दुर्घटना में एक 22 साल के नौजवान युवक की मौके पर ही मौत हो गई।

मिली जानकारी के मुताबिक, मृतक की पहचान ताजपुर गांव के रहने वाले दीपक मौर्य (22 वर्ष) के रूप में हुई है, जो जोगिंदर मौर्य का बेटा था। दीपक सकलडीहा कस्बे के तेंदूईपुर गांव में इलेक्ट्रॉनिक मिस्त्री (बिजली मैकेनिक) का काम करता था और रविवार की रात अपनी दुकान बढ़ाकर बाइक से घर वापस लौट रहा था।

जोरदार टक्कर मार चालक हुआ फरार
दीपक जैसे ही अपनी बाइक से ताजपुर पेट्रोल पंप के पास पहुंचा, तभी पीछे से आ रहे एक तेज रफ्तार अज्ञात भारी वाहन ने उसकी बाइक को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि दीपक बाइक समेत सड़क पर काफी दूर जाकर गिरा और गंभीर रूप से घायल हो गया।

हादसे के तुरंत बाद मौका पाकर अज्ञात वाहन का चालक गाड़ी लेकर वहां से तेजी से फरार हो गया। रात के समय सड़क किनारे युवक को लहुलूहान हालत में तड़पता देख स्थानीय लोगों ने दौड़कर उसे संभाला और तुरंत हादसे की जानकारी उसके परिवार वालों को दी।

अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने किया मृत घोषित
बेटे के एक्सीडेंट की खबर सुनते ही रोते-बिलखते परिजन मौके पर पहुंचे। वे आनन-फानन में गंभीर रूप से घायल दीपक को इलाज के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) सकलडीहा लेकर भागे।

अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने तुरंत इमरजेंसी में दीपक का परीक्षण किया, लेकिन तब तक उसकी सांसें थम चुकी थीं। डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। युवा बेटे की अचानक मौत की खबर से माता-पिता और परिजनों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है।

बिना कानूनी कार्रवाई के हुआ अंतिम संस्कार
दीपक अपने परिवार का बड़ा सहारा था और दुकान चलाकर घर के खर्च में हाथ बंटाता था। उसकी मौत से पूरे गांव में मातम छा गया है। बताया गया है कि गमगीन परिजनों ने इस हादसे के बारे में पुलिस को कोई लिखित या औपचारिक सूचना नहीं दी और कानूनी कार्रवाई से बचते हुए सीधे बलुआ घाट पर ले जाकर शव का अंतिम संस्कार कर दिया।

इस पूरे मामले को लेकर जब सकलडीहा के कोतवाल भूपेंद्र निषाद से बात की गई, तो उन्होंने बताया कि पुलिस महकमे को इस सड़क हादसे की कोई आधिकारिक सूचना नहीं मिली है और न ही परिजनों की तरफ से कोई तहरीर दी गई है। मृतक अपने पीछे पिता जोगिंदर मौर्य और मां चंदा देवी समेत पूरा शोकाकुल परिवार छोड़ गया है।