20 करोड़ रुपये से चमकेगी सकलडीहा की किस्मत, 5 खस्ताहाल मुख्य सड़कों का कायाकल्प शुरू
चंदौली के सकलडीहा क्षेत्र के वासियों के लिए बड़ी खुशखबरी है। पीडब्ल्यूडी विभाग करीब 20 करोड़ रुपये की लागत से क्षेत्र की 5 जर्जर सड़कों का चौड़ीकरण और सुदृढ़ीकरण करा रहा है, जिससे 50 से अधिक गांवों का सफर आसान हो जाएगा।
20 करोड़ से सुधरेंगी जर्जर सड़कें
10 साल पुराने दर्द से राहत
क्षेत्र के 50 गांवों को फायदा
19 किलोमीटर लंबी सड़कों का निर्माण
बरसात से पहले काम होगा पूरा
उत्तर प्रदेश के चंदौली जिले के अंतर्गत आने वाले सकलडीहा क्षेत्र के ग्रामीणों को जल्द ही जानलेवा गड्ढों और बदहाल रास्तों से हमेशा के लिए निजात मिलने वाली है। लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) प्रांतीय खंड की कार्ययोजना के तहत क्षेत्र की 5 प्रमुख ग्रामीण सड़कों के शेष बचे हिस्सों को आपस में जोड़कर सुधारा जा रहा है। कुल 19 किलोमीटर लंबी इन जर्जर सड़कों के चौड़ीकरण और सुदृढ़ीकरण के लिए 19 करोड़ 97 लाख (लगभग 20 करोड़) रुपये की भारी-भरकम राशि से काम कराया जा रहा है। ये सड़कें पिछले 10 वर्षों से बेहद बदहाल स्थिति में थीं, जिनकी गिट्टियां पूरी तरह उखड़ चुकी थीं और जगह-जगह गहरे गड्ढे बन गए थे। इसके कारण आए दिन राहगीर चोटिल हो रहे थे।
इन 50 गांवों का सफर होगा आसान
लोक निर्माण विभाग की इस बेहतरीन पहल से सकलडीहा क्षेत्र के 50 से अधिक गांवों के लोगों का आवागमन बेहद आसान और सुरक्षित हो जाएगा। मुख्य रूप से हिंगुतर-नादी-रामगढ़-गुरेरा-दरियापुर मार्ग के सुदृढ़ीकरण से नादी, निदीरा, सैफपुर, सहेपुर, करी, बूढ़ेपुर, नौघरा, दिया, प्रसहटा, रामगढ़, दरियापुर, गुरेरा व बैराठ समेत इसके आस-पास के दर्जनों गांवों की बड़ी आबादी को सीधा लाभ मिलेगा। मानसून के मौसम में इन गड्ढों में पानी भर जाने से पहले जहां पैदल चलना भी दूभर हो जाता था, वहीं अब सड़कें चौड़ी और मजबूत हो जाने से यह समस्या हमेशा के लिए खत्म हो जाएगी।
बरसात से पहले काम पूरा करने का लक्ष्य
विभागीय अधिकारियों के अनुसार, इस परियोजना के तहत निर्माण कार्य काफी तेजी से चल रहा है और कई हिस्सों का काम लगभग पूरा होने की कगार पर है। वर्तमान में चहनिया क्षेत्र में निर्माणाधीन सहेपुर-निधौरा मार्ग का काम युद्धस्तर पर जारी है। इसके साथ ही नादी से रामगढ़ मार्ग और रामगढ़ से दरियापुर मार्ग को चौड़ा करने का काम प्रगति पर है। पीडब्ल्यूडी के अधिशासी अभियंता राजेश कुमार ने बताया कि शासन से कार्ययोजना को मंजूरी मिलने के तत्काल बाद धरातल पर काम शुरू करा दिया गया था। ठेकेदारों और इंजीनियरों को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि बरसात शुरू होने से पूर्व ही सभी पांचों सड़कों का निर्माण कार्य गुणवत्ता के साथ पूरा कर लिया जाए।