सकलडीहा-सैयदराजा मार्ग चौड़ीकरण में खेल: गिट्टी की जगह डस्ट, PWD इंजीनियर ने ठेकेदार को लगाई फटकार,
सड़क चौड़ीकरण में भारी अनियमितता
गिट्टी की जगह बिछाई डस्ट
PWD अधिशासी अभियंता की फटकार
डस्ट हटाकर मानक अनुसार काम
घटिया निर्माण पर कड़ी निगरानी
चंदौली जिले के सकलडीहा स्टेशन से सैयदराजा तक चल रहे सड़क चौड़ीकरण के काम में भारी गड़बड़ी और धांधली का मामला सामने आया है। स्थानीय ग्रामीणों का गंभीर आरोप है कि सड़क को चौड़ा करने के लिए खोदे गए गड्ढों में तय मानकों के अनुसार गिट्टी डालने की बजाय धूल का जमकर इस्तेमाल किया जा रहा है।
अधिकतर जगहों पर ठेकेदार डस्ट से ही गड्ढों की भराई कराकर सड़क चौड़ीकरण का काम पूरा करने में जुटा था। इस वजह से सड़क के निर्माण और उसकी टिकाऊपन पर सवाल खड़े होने लगे हैं।
ग्रामीणों ने उठाया घटिया निर्माण पर सवाल
सड़क निर्माण के दौरान मौजूद स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क को मजबूत बनाने के लिए तय मानकों के हिसाब से गिट्टी डालना बेहद जरूरी होता है। लेकिन यहाँ खोदे गए गड्ढों में गिट्टी की मात्रा नाममात्र की रखी जा रही है और उसके नाम पर केवल डस्ट बिछाई जा रही है।
ग्रामीणों ने आशंका जताई है कि अगर इसी तरह घटिया सामग्री से काम होता रहा, तो पहली ही बारिश में यह सड़क पूरी तरह से धंस जाएगी और सरकार का लाखों रुपया बर्बाद हो जाएगा।
अधिशासी अभियंता ने ठेकेदार को लगाई कड़ी फटकार
जैसे ही सड़क निर्माण में धांधली की यह खबर पीडब्ल्यूडी (PWD) के प्रांतीय खंड के अधिशासी अभियंता राजेश कुमार तक पहुंची, उन्होंने तुरंत मामले का संज्ञान लिया। अधिशासी अभियंता ने मौके का निरीक्षण कर और पूरी जानकारी जुटाकर ठेकेदार को जमकर फटकार लगाई।
उन्होंने निर्माण कार्य में तय मानकों की इस तरह खुलेआम अनदेखी करने पर सख्त नाराजगी जताई और गड्ढों में बिछाई गई डस्ट युक्त सामग्री को तुरंत हटाने के स्पष्ट निर्देश दिए।
घटिया सामग्री नहीं हटाई तो होगी कड़ी कार्रवाई
अधिशासी अभियंता राजेश कुमार ने साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि सड़क चौड़ीकरण के इस महत्वपूर्ण कार्य में किसी भी स्तर पर लापरवाही या घटिया सामग्री का इस्तेमाल बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने संबंधित विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे खुद मौके पर जाकर निगरानी बढ़ाएं और सामग्री की नियमित जांच करें।
अधिकारियों के इस कड़े रुख के बाद अब ठेकेदार पर गुणवत्ता सुधारने और मानक के अनुरूप सही सामग्री इस्तेमाल करने का भारी दबाव बन गया है।