निर्वाचन आयोग के काम में लापरवाही पर बड़ी कार्रवाई, 6 लेखपालों के खिलाफ सकलडीहा SDM का एक्श

 चंदौली के सकलडीहा में चुनावी ड्यूटी में लापरवाही बरतने पर 6 लेखपालों पर गाज गिरी है। एसडीएम ने अक्षांश-देशांतर डेटा अपलोड न करने और समीक्षा बैठक से गायब रहने पर उनका एक दिन का वेतन रोक दिया है।

 
 

छह लेखपालों का वेतन रोका गया

निर्वाचन कार्य में भारी लापरवाही

अक्षांश-देशांतर अपलोड न करने पर कार्रवाई

समीक्षा बैठक से नदारद रहे कर्मचारी

तीन दिन में मांगा गया जवाब

चंदौली जिले के सकलडीहा तहसील में चुनावी तैयारियों के बीच एक बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई देखने को मिली है। यहाँ की एसडीएम आकांक्षा सिंह ने निर्वाचन से जुड़े कामों में ढिलाई बरतने पर छह लेखपालों का एक दिन का वेतन रोक दिया है। यह कड़ा फैसला मुख्य निर्वाचन अधिकारी, उत्तर प्रदेश के उन निर्देशों के बाद लिया गया है, जिसमें चुनावी प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए डिजिटल डेटा पर जोर दिया गया था।

क्या था पूरा मामला? 
दरअसल, चुनाव आयोग के निर्देशानुसार सभी मतदेय स्थलों यानी पोलिंग बूथों का अक्षांश और देशांतर (Latitude-Longitude) बीएलओ ऐप के जरिए 3 अगस्त तक अपलोड किया जाना था।  एसडीएम ने बताया कि इसके लिए व्हाट्सएप ग्रुप और फोन के माध्यम से कई बार सूचना दी गई थी, लेकिन इन लेखपालों ने इस काम को गंभीरता से नहीं लिया और समय सीमा बीत जाने के बाद भी काम अधूरा छोड़ दिया।

बैठक से गायब रहना पड़ा भारी
 लापरवाही का सिलसिला यहीं नहीं रुका। जब 13 अगस्त को तहसील सभागार में निर्वाचन संबंधी कार्यों की प्रगति जानने के लिए समीक्षा बैठक बुलाई गई, तो ये छह कर्मचारी वहां से भी नदारद रहे।  बैठक में अनुपस्थिति और अधूरे काम को देखते हुए एसडीएम आकांक्षा सिंह ने सख्त रुख अपनाया और मौके पर ही इन सभी के खिलाफ कार्रवाई के आदेश जारी कर दिए।

इन लेखपालों पर गिरी गाज 
सकलडीहा तहसील के जिन लेखपालों के खिलाफ यह कार्रवाई की गई है, उनमें बीरेंद्र प्रसाद, अंजू सचा, प्रियंका गुप्ता, ममता निषाद, शगुफ्ता नज़नीन और चंद्र प्रकाश त्यागी के नाम शामिल हैं।  प्रशासन ने इन सभी का एक दिन का वेतन रोकते हुए 'कारण बताओ' नोटिस जारी किया है और तीन दिनों के भीतर अपना स्पष्टीकरण देने को कहा है।

कड़ी कार्रवाई की चेतावनी 
एसडीएम ने साफ कर दिया है कि अगर तय समय में इन कर्मचारियों की ओर से कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला, तो मामले की रिपोर्ट जिला निर्वाचन अधिकारी को आगे की कार्रवाई के लिए भेज दी जाएगी।  इस कार्रवाई से तहसील के अन्य कर्मचारियों में भी खलबली मची हुई है। प्रशासन का यह कदम संदेश देता है कि निर्वाचन जैसे महत्वपूर्ण कार्यों में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
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