सकलडीहा तहसील के 3 ब्लॉकों में 13 तालाबों की नीलामी 9 जून को; मत्स्य पालन को बढ़ावा देने का प्लान

 

चंदौली के सकलडीहा तहसील सभागार में आगामी 9 जून को तीन ब्लॉकों के 13 तालाबों की नीलामी की जाएगी। मत्स्य पालन योजना के तहत स्थानीय मछुआरों और अनुसूचित जाति-जनजाति के लोगों को वरीयता दी जाएगी।

 
 

नौ जून को तालाबों की नीलामी

तीन ब्लॉकों के तेरह तालाब शामिल

आरक्षित बोली का दस प्रतिशत अग्रिम

मछुआरों और अनुसूचित जाति को प्राथमिकता

एसडीएम कुंदन राज कपूर की बैठक

चंदौली जिले की सकलडीहा तहसील के अंतर्गत आने वाले तीनों विकास खंडों के कुल तेरह तालाबों की मत्स्य पालन के पट्टे हेतु नीलामी की तारीख तय हो गई है। आगामी 9 जून को सकलडीहा तहसील सभागार में इस नीलामी प्रक्रिया का आयोजन किया जाएगा। इस संबंध में उपजिलाधिकारी (SDM) कुंदन राज कपूर एवं तहसीलदार अनुराग सिंह ने राजस्व अधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की। बैठक के दौरान अधिकारियों ने तालाबों के कुल क्षेत्रफल और न्यूनतम आवंटन राशि (आरक्षित बोली) के तकनीकी आंकड़ों की गहन समीक्षा करते हुए विस्तृत रूपरेखा तैयार की।

चहनिया, सकलडीहा और धानापुर ब्लॉक के 13 तालाब शामिल
प्रशासनिक जानकारी के अनुसार, इस योजना के तहत कुल तीन ब्लॉकों के 13 चयनित तालाबों में मत्स्य पालन पट्टा आवंटित करने की प्रक्रिया चलेगी। इसमें चहनिया विकास खंड के चार गांवों (कैलावर, पट्टी, डेरवा कला, और नीचूपुर) के चार तालाब शामिल किए गए हैं। सकलडीहा विकास खंड के चार गांवों (नईकोट, पिपरी, और मनियारपुर के तीन तालाब तथा फेसुडा का एक तालाब) के कुल छह तालाबों की नीलामी की जाएगी। इसके अतिरिक्त, धानापुर विकास खंड के जनौली, रामरूपदासपुर और जमुरखा गांवों के तीन प्रमुख तालाबों के लिए बोली लगाई जाएगी।

 जमा करनी होगी अग्रिम राशि
एसडीएम कुंदन राज कपूर ने बताया कि 9 जून को नीलामी प्रक्रिया दो चरणों में संपन्न होगी। सुबह 10 बजे से दोपहर 1 बजे तक इच्छुक आवेदकों से आवेदन पत्र स्वीकार किए जाएंगे। इसके बाद, दोपहर 1 बजे से शाम 5 बजे तक खुली नीलामी की प्रक्रिया शुरू होगी। बोली में शामिल होने के लिए आवेदकों को पिछले छह महीने के भीतर जारी किया गया वैध आय, जाति और निवास प्रमाण पत्र प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा। इसके साथ ही, नीलामी में भाग लेने के लिए निर्धारित आरक्षित बोली का 10 प्रतिशत हिस्सा अग्रिम राशि के रूप में मौके पर जमा करना होगा।

स्थानीय मछुआरों और अनुसूचित जाति-जनजाति वर्ग को वरीयता
तहसील प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि उत्तर प्रदेश सरकार की गाइडलाइन के अनुसार, नीलामी प्रक्रिया में संबंधित गांवों के स्थानीय मछुआरों, अनुसूचित जाति (SC) और अनुसूचित जनजाति (ST) के लोगों को प्राथमिकता दी जाएगी। यदि इन विशेष आरक्षित वर्गों के लोग बोली में भाग नहीं लेते हैं, तभी किसी अन्य सामान्य व्यक्ति को इस नीलामी प्रक्रिया में शामिल होने का अवसर दिया जाएगा। इस महत्वपूर्ण बैठक के दौरान नायब तहसीलदार राजेंद्र प्रसाद, चहनिया के खंड शिक्षा अधिकारी पीके सहाय और सकलडीहा के खंड शिक्षा अधिकारी अवधेश कुमार राय सहित राजस्व विभाग की टीम मौजूद रही।