आकांक्षी जिला चंदौली को 2026 तक बाल श्रम मुक्त बनाने की तैयारी; सकलडीहा ब्लॉक की 12 ग्राम पंचायतें होंगी पूरी तरह मुक्त

 

चंदौली को वर्ष 2026 तक बाल श्रम मुक्त बनाने के संकल्प के साथ सकलडीहा ब्लॉक में अहम बैठक हुई। इसमें क्षेत्र की 12 चयनित ग्राम पंचायतों को बाल श्रम मुक्त घोषित करने का सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित किया गया।

 
 

सकलडीहा में ब्लॉक स्तरीय अहम बैठक

बारह ग्राम पंचायतें होंगी बालश्रम मुक्त

वर्ष 2026 तक जिला मुक्ति लक्ष्य

बच्चों का शत-प्रतिशत स्कूल नामांकन सुनिश्चित

वीएलसीडब्ल्यूपीसी और एसएमसी समितियां सक्रिय

चन्दौली जनपद को बाल श्रम के अभिशाप से पूरी तरह मुक्त कराने के लिए शासन और प्रशासन स्तर पर एक विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में बुधवार को विकास खंड सकलडीहा में ब्लॉक स्तरीय बाल कल्याण एवं संरक्षण समिति (BLCWPC) की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में खंड विकास अधिकारी (BDO) विजय कुमार सिंह, श्रम प्रवर्तन अधिकारी चंद्र प्रकाश और सहायक विकास अधिकारी (पंचायत) बजरंगी पांडे मुख्य रूप से उपस्थित रहे। बैठक के दौरान विकासखंड की 12 चयनित ग्राम पंचायतों को बाल श्रम मुक्त ग्राम पंचायत घोषित करने की विधिक प्रक्रिया और आवश्यक मानकों पर विस्तार से चर्चा की गई।

नीति आयोग के आकांक्षी जनपद चंदौली का साल 2026 तक है बड़ा लक्ष्य
नीति आयोग द्वारा चयनित आकांक्षी जनपद चंदौली को वर्ष 2026 तक पूर्ण रूप से बाल श्रम मुक्त जनपद बनाने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इस राष्ट्रीय लक्ष्य की प्राप्ति हेतु जिला प्रशासन, महिला कल्याण विभाग और सामुदायिक संस्थाएं जैसे Association for Voluntary Action (AVA) और MSEMVS की टीमें मिलकर समन्वित प्रयास कर रही हैं। बैठक में बच्चों के शत-प्रतिशत स्कूल नामांकन, नियमित उपस्थिति, बाल विवाह की रोकथाम तथा बच्चों को बुनियादी स्वास्थ्य एवं पोषण सेवाओं से जोड़ने पर विशेष बल दिया गया। इसके साथ ही ग्राम स्तर पर गठित वीएलसीडब्ल्यूपीसी (VLCWPC) एवं एसएमसी (SMC) समितियों को और अधिक सक्रिय बनाने के निर्देश दिए गए।

इन 12 ग्राम पंचायतों को बाल श्रम मुक्त घोषित करने का प्रस्ताव पारित
गहन समीक्षा के बाद बैठक में विकासखंड सकलडीहा की 12 प्रमुख ग्राम पंचायतों के लिए सर्वसम्मति से एक महत्वपूर्ण प्रस्ताव पारित किया गया। इन गांवों में नसीरपुर, कोड़रिया, बसिला, डेढावल, डेढ़गांवा, उकनीविरामलराय, विशुनुपुरा, दुर्गापुर, इटवा, जमुनीपुर, ताजपुर एवं बथावर शामिल हैं। इस पारित प्रस्ताव को अब अंतिम और अग्रिम दंडात्मक व वैधानिक कार्यवाही हेतु जिला मुख्यालय स्तर पर प्रेषित किए जाने का निर्णय लिया गया है। इस बैठक में क्षेत्र के कई ग्राम प्रधान, पंचायत सचिव और समाज सेवी संस्थाओं के प्रतिनिधि मुख्य रूप से मौजूद रहे।