स्वयं सहायता समूहों से जुड़कर आत्मनिर्भर बनेंगी महिलाएं, ब्यूटीशियन और सिलाई-कढ़ाई की मिलेगी मुफ्त ट्रेनिंग
चंदौली के सकलडीहा विकास खंड में 19 हजार राशनकार्ड धारक महिलाओं को स्वयं सहायता समूहों से जोड़कर आत्मनिर्भर बनाया जाएगा। इसके तहत महिलाओं को विभिन्न व्यवसायों की ट्रेनिंग और 5 लाख रुपये तक का ब्याज मुक्त लोन दिया जाएगा।
19 हजार महिलाओं को समूह से जोड़ा जाएगा
5 लाख तक का ब्याज मुक्त ऋण मिलेगा
पांच साल की अवधि के लिए मिलेगा लोन
ब्यूटीशियन, सिलाई और मशरूम खेती का प्रशिक्षण
पहले ही दिन 100 महिलाएं समूह से जुड़ीं
चंदौली जिले के अंतर्गत सकलडीहा विकास खंड में महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने के लिए एक बेहतरीन पहल की शुरुआत की गई है। इसके तहत क्षेत्र की 19 हजार राशनकार्ड धारक महिलाओं को विभिन्न सरकारी योजनाओं के माध्यम से रोजगार से जोड़ा जाएगा।
इस महत्वाकांक्षी योजना को धरातल पर उतारने के लिए शुक्रवार को विकास खंड सभागार में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में स्वयं सहायता समूह की महिलाओं के साथ विभागीय अधिकारियों ने विस्तृत चर्चा की और उन्हें आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए।
प्रथम चरण में 100 महिलाओं को जोड़ा गया, गृहस्थी और अंत्योदय कार्ड धारकों को मिलेगा लाभ
शासन की इस विशेष मुहिम के अंतर्गत विकास खंड के कुल 100 सक्रिय समूहों के माध्यम से प्रथम चरण की रूपरेखा तैयार की गई है। इस पहले चरण में क्षेत्र की 19 हजार पात्र महिलाओं को चिन्हित कर उन्हें समूहों के साथ सीधे जोड़ा जाएगा।
इस योजना का मुख्य उद्देश्य समाज की उन पात्र महिलाओं को आगे लाना है जो गृहस्थी और अंत्योदय राशनकार्ड धारक हैं। इन सभी महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की कवायद प्रशासनिक स्तर पर तेजी से शुरू कर दी गई है। योजना के पहले ही दिन ब्लॉक के 100 महिलाओं को समूह से जोड़ने की प्रक्रिया को सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया।
मिलेगी ब्यूटीशियन, सिलाई और मशरूम की खेती की ट्रेनिंग
योजना के अंतर्गत महिलाओं को सीधे रोजगार की मुख्यधारा में लाने के लिए अलग-अलग क्षेत्रों में विशेष और कुशल व्यावसायिक प्रशिक्षण (ट्रेनिंग) प्रदान किया जाएगा। इसके तहत महिलाओं को उनकी रुचि के अनुसार हुनरमंद बनाया जाएगा।
प्रशिक्षण के दौरान महिलाओं को ब्यूटीशियन, सिलाई-कढ़ाई, मशरूम की उन्नत खेती, अगरबत्ती निर्माण और मोमबत्ती बनाने सहित कई अन्य कुटीर उद्योगों के संचालन की बारीकियां सिखाई जाएंगी। ट्रेनिंग पूरी होने के बाद महिलाएं अपना खुद का रोजगार शुरू कर सकेंगी।
5 साल के लिए मिलेगा ₹5 लाख तक का ब्याज मुक्त ऋण
शासन की इस कल्याणकारी पहल की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसके तहत महिलाओं को आर्थिक तंगी का सामना नहीं करना पड़ेगा। मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना के अंतर्गत पात्र राशनकार्ड धारक ग्रामीण महिलाओं को अपना नया व्यवसाय या उद्योग शुरू करने के लिए आर्थिक मदद दी जाएगी।
इसके लिए महिलाओं को 5 साल (पांच वर्ष) की अवधि के लिए ₹5 लाख तक का ऋण (लोन) उपलब्ध कराया जाएगा। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि यह ऋण पूरी तरह से ब्याज मुक्त होगा। इस योजना के सफल क्रियान्वयन से ग्रामीण क्षेत्रों की हजारों महिलाएं आत्मनिर्भर होकर अपने परिवार को आर्थिक संबल प्रदान कर सकेंगी।