सकलडीहा तहसील दिवस में बड़ा धमाका: किसान नेता ने लेखपाल पर साक्ष्यों के साथ लगाया भ्रष्टाचार का आरोप, मंचा हड़कंप

 

सकलडीहा तहसील दिवस में किसान नेता शेषनाथ यादव ने एक लेखपाल पर ऑनलाइन माध्यम से रिश्वत लेने और जबरन चक मार्ग का गलत सीमांकन करने का गंभीर आरोप लगाया है। एसडीएम के आश्वासन और पूरी इनसाइड स्टोरी को जानने के लिए पढ़ें।

 
 

सकलडीहा तहसील क्षेत्र का पूरा मामला

किसान नेता ने साक्ष्यों संग लगाए आरोप

जबरन चक मार्ग का सीमांकन करने का विरोध

ऑनलाइन रिश्वत लेने पर फूटा गुस्सा

निष्पक्ष जांच न होने पर आंदोलन की चेतावनी

चंदौली जनपद के सकलडीहा तहसील क्षेत्र से राजस्व विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाने वाला एक बेहद गंभीर मामला सामने आया है। यहाँ आयोजित तहसील दिवस के दौरान एक किसान नेता ने खुले मंच से संबंधित लेखपाल पर भ्रष्टाचार और निर्दोष किसानों के मानसिक व आर्थिक उत्पीड़न का बड़ा आरोप लगाया है। यह पूरा मामला सकलडीहा तहसील के अंतर्गत आने वाले सरया गांव का बताया जा रहा है, जहाँ जमीन की पैमाइश और सीमांकन को लेकर विवाद अब काफी गहराता नजर आ रहा है।

अपनी ही जमीन बचाने पर किसान को मुकदमा दर्ज कराने की धमकी
किसान नेता शेषनाथ यादव ने पूरे साक्ष्यों और प्रमाणों के साथ आरोप लगाते हुए कहा कि सरया गांव के एक पीड़ित किसान की जमीन पहले से ही रिकॉर्ड से काफी कम है। इसके बावजूद, लेखपाल द्वारा दुर्भावनापूर्ण तरीके से जबरन उसके निजी खेत में चक मार्ग निकालने के उद्देश्य से खूंटा गाड़कर सीमांकन किया जा रहा है। जब असहाय किसान ने अपनी जमीन कम होने की बात कहते हुए इस अनुचित कार्रवाई का कड़ा विरोध किया और खेत में गलत तरीके से लगाए गए खूंटे को हटा दिया, तो लेखपाल द्वारा उसके खिलाफ थाने में मुकदमा दर्ज कराने की विधिक कार्रवाई शुरू कर दी गई। किसान नेता ने आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा कि अपनी पुश्तैनी जमीन बचाने की कोशिश करने वाले सीधे-साधे किसान को अपराधी बनाया जा रहा है, जो पूरी तरह से अन्यायपूर्ण और तानाशाही रवैया है।

ऑनलाइन माध्यम से रिश्वत लेने का सनसनीखेज आरोप
शेषनाथ यादव ने भ्रष्टाचार की पोल खोलते हुए सीधे तौर पर आरोप लगाया कि संबंधित लेखपाल द्वारा पीड़ित किसानों से ऑनलाइन माध्यमों से खुलेआम पैसों की उगाही की जा रही है। यदि कोई भी किसान इस अवैध पैसे या घूस को देने से साफ इंकार करता है या गलत तरीके से किए जा रहे सीमांकन का विरोध करता है, तो उसे प्रशासनिक धौंस, विभागीय दबाव और झूठी मुकदमों की दलदल में धकेल दिया जाता है। किसान नेता ने स्पष्ट किया कि यह केवल किसी एक किसान का व्यक्तिगत मामला नहीं है, बल्कि सकलडीहा क्षेत्र के दर्जनों किसान इस लेखपाल की मनमानी से त्रस्त हैं, परंतु प्रशासनिक डर और कार्रवाई के दबाव के कारण खुलकर सामने नहीं आ पा रहे हैं।

प्रशासन को अल्टीमेटम, एसडीएम ने दिए जांच के आदेश
किसान नेता ने प्रशासनिक शिथिलता पर तीखे सवाल खड़े करते हुए कहा कि भ्रष्टाचार के इतने गंभीर और पुख्ता सबूतों के बावजूद भी दोषी लेखपाल के खिलाफ अब तक उच्चाधिकारियों द्वारा कोई दंडात्मक कार्रवाई अमल में नहीं लाई गई है। इससे समूचे क्षेत्र के किसानों में व्यवस्था के प्रति गहरा रोष और असंतोष पनप रहा है। 

किसान नेता ने प्रशासन को दो टूक चेतावनी दी कि यदि इस संवेदनशील मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी कर्मियों पर जल्द से जल्द निलंबन की कार्रवाई नहीं की गई, तो किसान संगठन व्यापक स्तर पर आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे। इस पूरे प्रकरण पर तत्परता दिखाते हुए उप जिलाधिकारी (एसडीएम) सकलडीहा कुंदन राज कपूर ने कहा कि पूरे मामले को गंभीरता से संज्ञान में लिया गया है और पारदर्शी तरीके से जांच कराने के बाद दोषियों के खिलाफ सख्त विधिक व विभागीय कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।