'साहब! हमारी नौकरी लौटा दो', बिना नोटिस निकाले जाने पर ADM कार्यालय पहुँचीं महिला रसोइयां

 

 सकलडीहा के दिघवट स्कूल में तीन महिला रसोइयों को अचानक नौकरी से निकाल दिया गया है। पीड़ित महिलाओं ने एडीएम से मिलकर बहाली की गुहार लगाई और हेडमास्टर पर मनमानी का आरोप लगाया है।

 
 

रसोइयों की अचानक नौकरी गई

बिना नोटिस दिए हटाया गया

परिवार पर गहरा आर्थिक संकट

प्रधानाध्यापक पर मनमानी के आरोप

एडीएम ने दिए जाँच के निर्देश

 चंदौली जिले के सकलडीहा विकास खंड से एक भावुक कर देने वाला मामला सामने आया है। यहाँ के दिघवट स्थित पूर्व माध्यमिक विद्यालय में काम करने वाली तीन महिला रसोइयों को अचानक नौकरी से हाथ धोना पड़ा। बिना किसी पूर्व सूचना के काम से हटाए जाने के कारण इन महिलाओं के सामने अब रोटी का संकट खड़ा हो गया है।

शनिवार को यह मामला 'संपूर्ण समाधान दिवस' में पहुँचा, जहाँ बारमती राजभर, निठोहारा और रीता ने अपर जिलाधिकारी (एडीएम) राजेश कुमार से मुलाकात की।  महिलाओं ने अपना दुखड़ा सुनाते हुए बताया कि उन्हें बिना किसी ठोस कारण के हटा दिया गया है, जिससे उनके परिवारों के सामने भरण-पोषण की समस्या खड़ी हो गई है।

'विधवा हूँ, बच्चों को कैसे पालूँगी?' - रसोइयों का छलका दर्द
पीड़ित महिलाओं में से एक विधवा है, जबकि दूसरी महिला के पति की मानसिक स्थिति ठीक नहीं है।  इन महिलाओं का कहना है कि वे ही अपने घर की एकमात्र सहारा हैं और बच्चों के पालन-पोषण की जिम्मेदारी उन्हीं पर है। विद्यालय की इस नौकरी से मिलने वाले पैसे ही उनके घर का चूल्हा जलाने का आधार थे। 

महिलाओं ने आरोप लगाया कि उन्हें हटाने के बाद उनकी जगह दूसरे लोगों को काम पर रख लिया गया है।  उनका कहना है कि यदि उनके काम में कोई कमी थी, तो उन्हें पहले नोटिस दिया जाना चाहिए था या कारण बताया जाना चाहिए था, लेकिन ऐसा कुछ भी नहीं किया गया और सीधे काम से बाहर कर दिया गया।

प्रधानाध्यापक पर मनमानी का आरोप
एडीएम को दिए शिकायती पत्र में महिलाओं ने विद्यालय के प्रधानाध्यापक पर मनमानी करने का गंभीर आरोप लगाया है।  उन्होंने मांग की है कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष जाँच कराई जाए और प्रधानाध्यापक की भूमिका की पड़ताल की जाए।  महिलाओं का कहना है कि उन्हें तुरंत काम पर बहाल किया जाए ताकि उनका परिवार भुखमरी से बच सके। 

 एडीएम ने दिए जाँच के आदेश
अपर जिलाधिकारी राजेश कुमार ने इस मामले को गंभीरता से लिया है।  उन्होंने पीड़ित महिलाओं को आश्वासन दिया है कि मामले की जाँच कराई जाएगी और जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसके आधार पर नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।  अब इन महिलाओं को प्रशासन के फैसले और अपनी नौकरी वापस मिलने का इंतज़ार है।