सिद्धपीठ धाम खड़ान में उमड़ा आस्था का जनसैलाब: कलश यात्रा और गंगा पूजन के साथ तीन दिवसीय महोत्सव शुरू
चंदौली के प्रसिद्ध सिद्धपीठ धाम खड़ान में श्री 1008 परमहंस बाबा प्रसन्नदास जी महाराज की स्मृति में सिद्धपीठ महोत्सव का भव्य शुभारंभ हुआ। 101 कन्याओं की कलश यात्रा और गंगा पूजन ने क्षेत्र को भक्ति के रंग में सराबोर कर दिया।
101 कन्याओं द्वारा भव्य कलश यात्रा
गंगा पूजन और बाबा का जलाभिषेक
तीन दिवसीय मानस कथा का आयोजन
कवि सम्मेलन और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की धूम
सिद्धपीठ धाम खड़ान में विशाल भंडारा
चंदौली जनपद के धानापुर विकास खंड अंतर्गत खड़ान गांव स्थित सिद्धपीठ धाम में 'सिद्धपीठ महोत्सव' का शुक्रवार को भक्तिमय माहौल में शुभारंभ हो गया। श्री श्री 1008 परमहंस बाबा प्रसन्नदास जी महाराज की पावन तपोभूमि पर आयोजित इस तीन दिवसीय महोत्सव की शुरुआत गंगा पूजन और भव्य कलश यात्रा के साथ हुई। गाजे-बाजे और वैदिक मंत्रोच्चार के बीच निकली इस यात्रा ने पूरे क्षेत्र को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर दिया।
कलश यात्रा और गंगा पूजन की भव्यता
महोत्सव का औपचारिक आरंभ बाबा प्रसन्नदास जी महाराज की पावन समाधि स्थल से हुआ। यहाँ से 101 कन्याओं ने सिर पर मंगल कलश धारण कर यात्रा शुरू की। कलश यात्रा बैरहवा बाबा के स्थान पर पहुंची, जहां सिद्धपीठ समिति के अध्यक्ष अंजनी सिंह ने माल्यार्पण कर आशीर्वाद लिया। इसके पश्चात यात्रा नरौली स्थित गंगा घाट पहुंची, जहाँ विधि-विधान से मां गंगा का पूजन कर जल भरा गया। श्रद्धालुओं ने पुनः धाम पहुंचकर बाबा का जलाभिषेक किया और क्षेत्र की सुख-समृद्धि की कामना की।
सांस्कृतिक और धार्मिक कार्यक्रमों की श्रृंखला
समिति द्वारा तय कार्यक्रम के अनुसार, यह महोत्सव 14 मार्च से 16 मार्च तक पूरी भव्यता के साथ आयोजित किया जाएगा।
- मानस कथा: प्रतिदिन दोपहर 1 बजे से सायं 5 बजे तक प्रवचन होगा।
- 14 मार्च: रात्रि में देश के ख्यातिलब्ध कवियों द्वारा 'कवि सम्मेलन' का आयोजन।
- 15 मार्च: पूर्वांचल की प्रसिद्ध लोक विधा 'बिरहा' का शानदार कार्यक्रम।
- 16 मार्च: महोत्सव का समापन भव्य झांकी, जागरण और भोजपुरी सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ होगा।
भंडारे और सेवा की रही धूम
महोत्सव के पहले दिन शाम को कन्या भंडारे का भव्य आयोजन किया गया, जिसमें श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण कर पुण्य लाभ कमाया। सिद्धपीठ समिति के अध्यक्ष अंजनी सिंह ने बताया कि यह आयोजन समाज में शांति और भक्ति का संदेश देने के लिए हर वर्ष आयोजित किया जाता है।
कलश यात्रा में मुख्य रूप से बचाऊ सिंह, विश्वनाथ लहरी, जयभान पांडे, राधे मौर्या, हरिचरन गोंड, धीरज सिंह और रामनयन यादव सहित बड़ी संख्या में मातृशक्ति और ग्रामीण उपस्थित रहे। प्रशासन की ओर से भी सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं ताकि महोत्सव में आने वाले श्रद्धालुओं को कोई असुविधा न हो।