Snake Bite Death: सांप निकालने वाले संपेरे को ही सांप ने डसा, सर्पदंश से 37 वर्षीय राकेश की मौत, छपरा गांव में घर से निकाल रहा था सांप
बलुआ के सराय बलुआ निवासी संपेरे राकेश कुमार (37) की जहरीले सांप के डसने से मौत, छपरा गांव में घर से सांप निकालते समय दो बार डसा, CHC सकलडीहा में मृत घोषित, परिवार में कोहराम।
संपेरे को ही सांप ने डसा
सर्पदंश से राकेश की मौत
छपरा गांव में निकाल रहा सांप
108 एंबुलेंस से CHC सकलडीहा
सांप पकड़ने में था माहिर
चंदौली जिले के बलुआ थाना क्षेत्र के सराय बलुआ गांव निवासी एक संपेरे की जहरीले सांप के डसने से मौत हो गई। मृतक की पहचान राकेश कुमार पुत्र शिवपूजन, उम्र करीब 37 वर्ष, निवासी सराय बलुआ के रूप में हुई है। राकेश लंबे समय से सांप पकड़ने और लोगों के घरों से सांप निकालने का काम करता था। उसकी मौत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया, वहीं ग्रामीणों में भी शोक की लहर दौड़ गई।
छपरा गांव में घर से निकाल रहा था सांप
जानकारी के अनुसार बीती रात छपरा गांव में एक घर में सांप निकलने की सूचना मिली थी। रात का समय था, लेकिन जैसे ही राकेश को खबर मिली, वह तुरंत सांप को पकड़ने और बाहर निकालने के लिए मौके पर पहुंचा। वह सांप को निकालने का प्रयास कर ही रहा था कि विषैले सांप ने उसे दो बार डस लिया। सर्पदंश के बाद राकेश की हालत बिगड़ने लगी।
पहले होम्योपैथिक दवा, फिर CHC ले गए
घटना की जानकारी मिलने पर परिजन और आसपास के लोग उसे तत्काल उपचार के लिए ले जाने लगे। परिजनों के अनुसार, पहले राकेश को होम्योपैथिक दवा दिलाने के लिए ले जाया गया, लेकिन उसकी हालत लगातार खराब होती देख परिजनों ने कोई जोखिम नहीं लिया। इसके बाद 108 एंबुलेंस की मदद से उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) सकलडीहा पहुंचाया गया।
सीएचसी सकलडीहा में चिकित्सकों ने राकेश का परीक्षण किया। जांच के बाद डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। चिकित्सकों द्वारा मृत घोषित किए जाने की जानकारी मिलते ही परिजनों में चीख-पुकार मच गई। परिवार के लोगों का रो-रोकर बुरा हाल है।
पुलिस ने पोस्टमार्टम के लिए भेजा शव
घटना की सूचना मिलने के बाद सकलडीहा पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर आवश्यक कार्रवाई पूरी की और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस मामले में नियमानुसार कार्रवाई कर रही है।
गांव में शोक की लहर
ग्रामीणों ने बताया कि राकेश सांप पकड़ने में माहिर था और क्षेत्र में कहीं भी सांप निकलने की सूचना मिलने पर वह मदद के लिए पहुंच जाता था। खासकर रात के समय भी ग्रामीणों के फोन पर वह घर से निकलकर सांप पकड़ने पहुंच जाता था। लोगों का कहना है कि वह कई परिवारों को जहरीले सांपों से बचा चुका था। जिस व्यक्ति ने वर्षों तक दूसरों को सांपों से बचाया, उसी संपेरे की सांप के डसने से हुई मौत की घटना ने ग्रामीणों को झकझोर दिया है। राकेश की मौत से गांव और आसपास के क्षेत्र में शोक का माहौल है।