चहनियां में शिक्षिका ममता पाण्डेय की सड़क हादसे में दर्दनाक मौत, गांव में शोक की लहर

मृतका ममता पाण्डेय रामगढ़ निवासी अवकाश प्राप्त अध्यापक सदानन्द पाण्डेय की बहू थीं। वह बिहार के इटही, जिला कैमूर में उच्च माध्यमिक विद्यालय में शिक्षिका के पद पर कार्यरत थीं।
 

बलुआ थाना क्षेत्र में सड़क हादसे में शिक्षिका की मौत

पति राकेश पाण्डेय हेलमेट के कारण बाल-बाल बचे

परिवार और परिजन हादसे से शोक में डूबे

152 वर्षीय रामलीला का मंचन शोक के कारण रद्द

चंदौली जिले के चहनियां के बलुआ थाना क्षेत्र के रामगढ़ निवासी 43 वर्षीय शिक्षिका ममता पाण्डेय की रविवार को सड़क हादसे में मौत हो गई। घटना बिहार के चांद डाक बंगला के पास हुई, जहां बाइक के आमने-सामने टक्कर में शिक्षिका गंभीर रूप से घायल हो गईं और घटनास्थल पर ही उनकी मृत्यु हो गई। उनके पति राकेश पाण्डेय (45 वर्ष) इस हादसे में हेलमेट लगाने के कारण बाल-बाल बच गए।

आपको बता दें कि मृतका ममता पाण्डेय रामगढ़ निवासी अवकाश प्राप्त अध्यापक सदानन्द पाण्डेय की बहू थीं। वह बिहार के इटही, जिला कैमूर में उच्च माध्यमिक विद्यालय में शिक्षिका के पद पर कार्यरत थीं। उनके पति भी प्राइवेट स्कूल में अध्यापक हैं। रविवार को छुट्टी के दिन ममता पाण्डेय अपने पति के साथ बाइक से मुंडेश्वरी धाम से दर्शन पूजन कर घर लौट रही थीं। चांद डाक बंगला रोड पुल के पास दो बाइकों की आमने-सामने की टक्कर में उनका नियंत्रण खो गया और हादसा हो गया।

पुलिस ने मृतका का पोस्टमार्टम (PM) कर शव परिजनों को सौंपा। शव रामगढ़ लाकर बलुआ घाट पर अंतिम संस्कार किया गया। हादसे की खबर मिलते ही ममता पाण्डेय के ससुर सदानन्द पाण्डेय, पति राकेश पाण्डेय और उनके पुत्र सत्यम व सुंदरम का रो-रोकर बुरा हाल था।

गांव में शोक की लहर, रामलीला नहीं हुई
ममता पाण्डेय की अचानक मौत से रामगढ़ और आसपास के गांव में शोक की लहर फैल गई। उनकी मृदुल स्वभाव और शिक्षिका के रूप में आदर्श छवि के कारण पूरे गांव में मातम छाया हुआ। इसके कारण रामगढ़ में चल रही 152 वर्षीय सुप्रसिद्ध रामलीला रविवार की रात को शोक के कारण मंचित नहीं हो सकी।

ग्रामीणों ने हादसे पर संवेदना व्यक्त करते हुए परिजनों के प्रति समर्थन और सांत्वना दी। घटना ने इलाके में सड़क सुरक्षा और हेलमेट के महत्व की चेतावनी भी उजागर कर दी है।