तेनुवट में श्रीमद्भागवत कथा का भव्य शुभारंभ, गांव में में गूंजे मथुरा के स्वामी लोकेशानंद जी के प्रवचन
चंदौली जिले के तेनुवट गांव में संत सुनील मिश्रा के आवास पर सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा का भक्तिमय आगाज हुआ। मथुरा से पधारे स्वामी लोकेशानंद जी महाराज ने बताया कि भागवत कथा जीवन से अज्ञान दूर कर भक्ति और वैराग्य जगाने का सर्वश्रेष्ठ मार्ग है।
तेनुवट गांव में सात दिवसीय भव्य आयोजन
मथुरा के स्वामी लोकेश आनंद की अमृतवर्षा
निकाली गई भव्य शोभायात्रा और कलश पूजन
ज्ञान और वैराग्य जगाने का पावन माध्यम
1 से 7 फरवरी तक बहेगी भक्ति गंगा
चंदौली जनपद के सकलडीहा विकास खंड अंतर्गत तेनुवट गांव में इन दिनों भक्ति की अविरल धारा बह रही है। संत सुनील मिश्रा के आवास पर राधा-कृष्ण (लल्ला-लल्ली) जी के चौथे पदार्पण उत्सव के पावन अवसर पर सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन किया गया है। कथा के प्रथम दिन समूचा क्षेत्र 'राधे-राधे' के जयघोष से गुंजायमान रहा।
भव्य शोभायात्रा के साथ हुआ मंगल शुभारंभ
श्रीमद्भागवत कथा के शुभारंभ पर गांव में एक भव्य शोभायात्रा निकाली गई। इसमें बड़ी संख्या में महिला और पुरुष श्रद्धालु पीले वस्त्र धारण कर शामिल हुए। गाजे-बाजे के साथ निकली इस शोभायात्रा ने पूरे गांव का भ्रमण किया, जिसके पश्चात विधि-विधान से कलश पूजन और श्रीमद्भागवत महापुराण की स्थापना की गई।
स्वामी लोकेश आनंद जी महाराज ने बताया कथा का महत्व
मथुरा से पधारे सुप्रसिद्ध भागवत किंकर स्वामी लोकेश आनंद जी महाराज ने व्यासपीठ से संगीत मय कथा का रसपान कराया। उन्होंने कहा कि श्रीमद्भागवत कथा केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि यह भक्तों के कल्याण का सार है। महाराज श्री ने कहा, "यह कथा न केवल भक्ति का मार्ग दिखाती है, बल्कि भटकते हुए जीवन को सही दिशा देने का सबसे सशक्त माध्यम भी है।"
उन्होंने नारद मुनि और भक्ति माता का प्रसंग सुनाते हुए बताया कि किस प्रकार श्रीमद्भागवत के श्रवण से भक्ति के पुत्रों—ज्ञान और वैराग्य—को पुनर्जीवन प्राप्त हुआ था। उन्होंने जोर देकर कहा कि भागवत श्रवण से मनुष्य के भीतर से अज्ञान, मोह और सांसारिक विकारों का नाश होता है।
7 फरवरी तक चलेगा भक्ति का संगम
यह आयोजन 1 फरवरी से शुरू होकर 7 फरवरी तक प्रतिदिन चलेगा। कथा के प्रथम दिन ही भारी संख्या में श्रद्धालुओं ने उपस्थित होकर आध्यात्मिक लाभ उठाया। इस दौरान क्षेत्र के कई गणमान्य व्यक्ति भी मौजूद रहे।
कार्यक्रम में मुख्य रूप से अनिरुद्ध मिश्रा, अरविंद मिश्रा, अश्वनी मिश्रा, रमाकांत पांडे, शशिकांत पांडे, हरी सेवक चतुर्वेदी, विजय पांडे, गोपाल तिवारी, पूर्व प्रधान राजीव दीक्षित, संतोष पांडे, संजय पांडे, शिवपूजन पांडे और आशुतोष पांडे सहित बड़ी संख्या में भक्तगण उपस्थित रहे। कथा स्थल पर श्रद्धा और उल्लास का वातावरण बना हुआ है, जिससे पूरा क्षेत्र भक्तिमय हो गया है।