दो दिन पहले काम पर निकले थे पिता, पीछे नहर की तेज धार में बह गए दो लाडले, चंदौली के बेलवानी गांव में पसरा मातम

 

बलुआ थाना क्षेत्र के बेलवानी गांव में नहर पार करते समय पानी के तेज बहाव में बहने से 5 वर्षीय आर्यन और 3 वर्षीय अनुप्रिया की मौत हो गई। इस हृदय विदारक घटना से पूरे इलाके में मातम छा गया है।

 
 

दो सगे भाई-बहन की दर्दनाक मौत

बेलवानी गांव की पाल बस्ती में हादसा

दुकान से लौटते समय हुआ हादसा

चहनिया पीएचसी में डॉक्टरों ने मृत घोषित किया

बलुआ घाट पर हुआ अंतिम संस्कार

चंदौली जिले के बलुआ थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले बेलवानी गांव की पाल बस्ती से एक बेहद ही दर्दनाक और रूह कँपाने वाली घटना सामने आई है। यहाँ सोमवार, 22 जून को नहर में डूबने से दो सगे मासूम भाई-बहन की मौत हो गई। मृतकों में 5 साल का बेटा आर्यन और 3 साल की बेटी अनुप्रिया शामिल हैं। इस अचानक हुए हृदय विदारक हादसे ने पूरे क्षेत्र के लोगों को अंदर तक झकझोर कर रख दिया है।

दो सगे भाई-बहन की दर्दनाक मौत
बेलवानी गांव की पाल बस्ती में हादसा
दुकान से लौटते समय हुआ हादसा
चहनिया पीएचसी में डॉक्टरों ने मृत घोषित किया
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— Chandauli Samachar (@chandaulinews) June 22, 2026


नहर के तेज बहाव में बह गए दोनों लाडले
जानकारी के मुताबिक, बेलवानी गांव के रहने वाले हीरालाल पाल का मकान नहर के ठीक किनारे पर स्थित है। सोमवार को ही विभाग द्वारा नहर में पानी छोड़ा गया था, जिससे नहर पूरी तरह ऊपर तक भरी हुई थी। दोनों मासूम भाई-बहन आर्यन और अनुप्रिया नहर पार करके पास की एक दुकान से अपने लिए कुछ खाने-पीने का सामान लेने गए थे। जब दोनों दुकान से वापस घर लौट रहे थे, तभी अचानक पैर फिसलने से दोनों नहर के पानी की तेज रफ्तार में बहने लगे।

डॉक्टरों ने देखते ही मृत घोषित किया
बच्चों को बहता देख मौके पर मौजूद ग्रामीणों ने बिना वक्त गंवाए नहर में छलांग लगा दी। थोड़ी दूरी पर जाकर लोगों ने दोनों बच्चों को पानी से बाहर निकाला। परिजन आनन-फानन में दोनों को लेकर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) चहनिया भागे। लेकिन अफसोस, अस्पताल पहुंचते ही डॉक्टरों ने दोनों मासूमों को देखते ही मृत घोषित कर दिया। यह सुनते ही अस्पताल परिसर में चीख-पुकार मच गई और पूरे गांव में मातम पसर गया।

परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
इस मनहूस खबर के बाद पीड़ित परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है। मृत बच्चों के पिता हीरालाल पाल एक प्राइवेट कंपनी में नौकरी के लिए महज दो दिन पहले ही घर से बाहर गए थे, जो इस हादसे की खबर सुनते ही सुध-बुध खो बैठे हैं। मां राजकुमारी का रोना देखकर हर किसी की आंखें नम हैं। दोनों दंपत्ति के पास अब सिर्फ एक 6 महीने का छोटा बच्चा बचा है, जिस पर पूरे परिवार की आस टिकी है। परिजन दोनों मृत बच्चों के शवों को अंतिम संस्कार के लिए बलुआ घाट लेकर गए हैं।